बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर, गंभीर बीमारियों के इलाज पर विशेष फोकस करने कहा
जगदलपुर, 25 मार्च 2026/ कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को आयोजित स्वर्गीय बलीराम कश्यप स्मृति मेडिकल कॉलेज एवं स्वर्गीय महेंद्र कर्मा स्मृति मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल जगदलपुर की स्वशासी समिति प्रबंधकारिणी की बैठक में चिकित्सा सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सकीय सेवा मानवीय दृष्टिकोण से सर्वोपरि है और बस्तर अंचल की जरूरतों के अनुरूप यह एक अत्यंत पुनीत कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए।
कमिश्नर ने विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के प्रभावी उपचार पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने डायलिसिस, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी और एक्स-रे जैसी आवश्यक जांच सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा गंभीर नवजात शिशुओं के समुचित उपचार के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाकर ही बस्तर अंचल की जनता को बेहतर जीवन प्रदान किया जा सकता है, इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
कमिश्नर ने मोतियाबिंद जांच एवं उपचार पर फोकस कर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर जिले के दोनों आंखों में पीड़ित मरीजों को प्राथमिकता देने कहा। साथ ही जटिल आपरेशन कर क्षेत्र के लोगों को अन्यत्र बड़े शहरों में जाने से राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में स्वच्छता एवं साफ-सफाई के विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने कहा।
बैठक में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवाओं सहित क्रिटिकल केयर यूनिट की सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए त्वरित रिस्पांस के साथ उपचार सुनिश्चित किए जाने कहा। साथ ही उन्होंने आईपीडी में बेड आक्यूपेंसी की नियमित मानिटरिंग कर जरूरतमंद मरीजों को पहले प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वहीं कॉलेज एवं अन्य संस्थानों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाने कहा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एवं अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के आवासीय परिसर निर्माण के लिए शीघ्र भूमि आबंटित करने आश्वस्त किया।
बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ प्रदीप बेक ने मेडिकल कॉलेज की अकादमिक स्थिति और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की व्यवस्था के बारे में अवगत कराया कि 2006 में एमबीबीएस की 50 सीटों के साथ शुरू मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एमबीबीएस की 125 सीटों पर छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की 38 सीटों में पीजी की पढ़ाई हो रही है। अभी एमबीबीएस की 50 सीट और पीजी की 38 सीट वृद्धि शासन स्तर पर प्रस्तावित है। वहीं मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 650 बेड्स की व्यवस्था है, जिसे 770 बेड्स हॉस्पिटल में वृद्धि करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मेजर सर्जरी सहित एसएनसीयू में गंभीर नवजात शिशुओं सफल उपचार किया जा रहा है। साथ ही नवजात शिशुओं के ईको टेस्ट एवं सोनोग्राफी में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। एमआईसीयू में गंभीर हृदय रोगियों को कार्डियक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।