शिक्षा एक चमत्कार है जो सभी चीजों को सीखने में मदद करता है:- संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन

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करीम

जगदलपुर, 26 जून। जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संसदीय सचिव श्री रेखाचंद जैन ने कहा कि शिक्षा से व्यक्ति अपना भविष्य बेहतर कर सकता है। शिक्षा एक चमत्कार है जो सभी विद्यार्थियों को सीखने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल में छात्रों की उपस्थिति और शिक्षा के प्रति बच्चों में जागरूकता के लिए सरकार ने उत्सव में प्रवेश का फैसला लिया। सरकार ने लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नई-नई योजनाओं का प्रावधान किया है, जिसमें बच्चों को गणेश, स्केल, साइकल का वितरण, मध्याह्न भोजन और नवप्रवेशीय बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी करना है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। श्री जैन ने कविता के माध्यम से शिक्षा के लिए सर्वसम्मति से कहा ”ना छुटे इस बार शिक्षा सबका अधिकार है, युवा, मुस्लिम, सीखिए-ईसाई सब मिलकर पढ़ाई करें”। जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को पिआकॉलेज ग्राउंड में किया गया।
इस अवसर पर महारानी श्रीमती सफीरा साहू ने कहा कि शिक्षा बच्चों को भविष्य गढ़ने का ज्ञान देती है। देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए युवा अपना योगदान देंगे। इस शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जाति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया जो बच्चों के भविष्य का लाभ दिलाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बदल रहा है, जगदलपुर भी बदल रहा है हमने गढ़बो नवा जगदपुर के लिए प्रयास किया है। बच्चों के शिक्षा स्तर में वृद्धि हुई है, इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ शासन-प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
इंद्रावती घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा ने कहा कि हमारे जीवन के यादगार महलों में से एक यह भी है कि दो महीने की छुट्टियों के बाद स्कूल में शिक्षा पुनः आरंभ करें। सरकार ने सभी वर्गों के लिए अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था का संचालन किया है, दूर-दराज के बच्चों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के लिए अंग्रेजी में अध्ययन के उद्देश्य से सरकार ने आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था का संचालन किया है, यह प्रयास है। आत्मानंद स्कूल में बच्चों और पालकों के लिए भर्ती यह योजना की सफलता का संकेत है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शाला प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं। नगर निगम निगम की श्रीमती कविता साहू ने कहा कि बच्चों के बच्चे और चिड़ियाघर विकास में सहभागी बनीं।
इस अवसर पर नियुक्त श्री विजय दयाराम के. उन्होंने बताया कि शासन-प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा व्यवस्था दीक्षा के लिए वैकल्पिक है। इसके लिए जिले में समस्त 2341 शालाओं में विद्यालयीन संरचनाओं का सुदृढीकरण किया गया है। विद्यार्थियों को गणेश, पार्चुअल, मध्याह्न भोजन, सरस्वती सायकल योजना जैसी सभी विदेशी परियोजनाओं से मिलने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के तहत लगभग 1114 शालाओं में 70 करोड़ की राशि से जीर्णोद्वार एवं राशि भवन का कार्य जारी है। निगम में समग्र शिक्षा द्वारा बीआई टैग सेक्टर 94 शालाओं को भी भर्ती कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त भी क्षेत्र की आवश्यकता हैनुरूप जिला प्रशासन द्वारा भी कार्य किया जाना आवश्यक है।

शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर 50 नवप्रवेशित छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत सत्र 2023-24 में कुल 5180 छात्राओं को वितरण किया जा रहा है। शाला प्रारंभ के साथ ही 120586 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणेश एवं 109594 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण किया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में अंग्रेजी और हिंदी माध्यम में लाइब्रेरी, लाइब्रेरी एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया गया है। ताकि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो और पढ़ें के प्रति रुचि बनी रहे।
नई शिक्षा नीति के तहत पूर्व प्राथमिक शिक्षा सत्र 2022-23 में 122 बालवाड़ी को शामिल करने की शुरुआत की गई है, जिसमें सत्र 2022-23 में 122 बालवाड़ी का संचालन किया जा रहा है, जिसमें सत्र 2023-24 जिले में 855 बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ बालवाड़ी भी शामिल है। 168 नई बालवाडियों का संचालन करने की स्थिति राज्य शासन से प्राप्त हुई है। फ़्लोरिडा ऑपरेशन आज से शुरू किया जा रहा है, इस तरह के जिलों में कुल 290 बलवाडिया संचालित हैं। बालवाडी मुख्य रूप से प्ले स्कूल के नामांकन पर आधारित है जिसमें बच्चों के खेल में, ग्रुप में शामिल होना, संरचना के माध्यम से और उपलब्ध सामग्री के माध्यम से विभिन्न को सीखना शामिल है। जिले में इस बहुवर्षीय शिक्षण की आवश्यकताओं पर ध्यान देते हुए पृथक्करण से सर्वेक्षण किया गया है। जिसके तहत रियल एस्टेट कंपनी के निर्माण की शुरुआत कर जिला स्रोत समूह का प्रशिक्षण लिया गया है। यह प्रयास तेजी से लॉन्च के उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
शिक्षा सत्र को और प्रभावशाली बनाने के लिए ज्ञानदीप के नाम से प्रोजेक्ट का निर्माण किया गया, जिसे विशेष कर दरभा, बस्तानार और लोहंडीगुडा विकासखंडों में संचालित किया जाएगा, जहां विकासखंड के चित्र में विशेष पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे और वहां के बच्चों की शिक्षा सत्र को प्रभावशाली बनाया जाएगा। येशिचैल्थ एवं भाषा शिक्षण संस्थान को छोड़ दिया जाएगा। शाला लाके बच्चों की संख्या को खत्म करने के लिए जिला स्तर पर भी प्रभावशाली प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना में सभी बच्चों का चिन्हांकित एवं उनके आयु संस्थानों में पुनः प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।

शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर सांकेतिक रूप से कक्षा प्रथम के 05, 6वीं के 05 और कक्षा 9वीं के 05 में विद्यार्थियों को तिलक, पुष्प हार और मिठाई खिलाकर नव प्रवेशित बच्चों का स्वागत करते हुए गणेश और विद्यार्थियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में नामांकन पहली कक्षा में नवप्रवेशी 9 बच्चों को सामाजिक प्रमाण पत्र (जाति प्रमाण पत्र) का वितरण भी। प्रशासन द्वारा इस वर्ष शाला प्रवेश उत्सव के साथ-साथ ही कक्षा में पहली बार प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को शासन की सलाह देने वाला जाति प्रमाण पत्र प्रतिदिन जाने के लिए एक माह का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य प्रस्तावित है। साथ ही 50 नवप्रवेशित छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत वितरण किया गया। इस पर अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थलेश गोल्डनकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री जिशान बोल्टन, किलेदार सुनीता सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुलिस श्री मि.

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