जगदलपुर, 22 जनवरी . बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता और यहाँ की अद्वितीय आदिवासी संस्कृति को अब वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ठोस और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर श्री हरिस एस द्वारा जिले में होमस्टे नीति 2025-30 को धरातल पर उतारने और इसे गति देने के उद्देश्य से सोमवार को एक आदेश जारी किया गया है, जिसका सीधा लाभ यहाँ के स्थानीय निवासियों को मिलने वाला है।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा हाल ही में लागू की गई इस महत्त्वाकांक्षी नीति का मूल उद्देश्य केवल पर्यटन का विस्तार करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इस नीति के जरिए स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और वे अपने घरों को पर्यटकों के लिए खोलकर अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम हो सकेंगे। इस पहल के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव सीधे ग्रामीणों के बीच रहकर कर सकेंगे, जो कि एक यादगार अनुभव होगा।
इस योजना के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब होमस्टे नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, होमस्टे निर्माण से जुड़े विकास कार्यों और शासन द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के वितरण को गति प्रदान करने से आने वाले समय में बस्तर पर्यटन के मानचित्र पर एक नए स्वरूप में उभरेगा, जहाँ विकास और परंपरा साथ-साथ चलेंगे।