कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी और भावनात्मक खबर सामने आई है। हाल ही में 08 लाख रुपये की इनामी नक्सली सदस्य स्वरूपा के आत्मसमर्पण के बाद अब उनका एक हाथ से लिखा हुआ मार्मिक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि यह पत्र गोंडी भाषा में लिखा गया है, जिसमें स्वरूपा ने अपने पूर्व साथियों से नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जंगल और हिंसा का रास्ता केवल मौत की ओर ले जाता है, इसलिए समय रहते सभी को आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपनाना चाहिए।
यह पत्र परतापुर एरिया कमेटी के कमांडर कामरेड चंदर रूपी के नाम लिखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्वरूपा अपने संगठन के सक्रिय सदस्यों को सीधे संदेश देना चाहती हैं।
गौरतलब है कि स्वरूपा ने हाल ही में नक्सलवाद से नाता तोड़कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। उनके इस कदम को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले में अब भी लगभग 19 माओवादी सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
स्वरूपा का यह कदम और उनका भावनात्मक पत्र न केवल नक्सलवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि जंगलों में भटके युवाओं के लिए एक नई उम्मीद भी बनकर सामने आया है।