कामना को मिली पीएचडी की उपाधि

मैट्स यूनिवर्सिटी से कामना वर्मा को पीएचडी उपाधि  शिक्षा क्षेत्र में नई ऊँचाई

जगदलपुर / छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मैट्स यूनिवर्सिटी, आरंग ने शिक्षा शास्त्र की होनहार शोधार्थी कामना वर्मा को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। यह उपाधि उनके शोध कार्य -विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि पर मानसिक योग्यता एवं शालेय वातावरण के प्रभाव का अध्ययन के सफल पूर्ण होने पर दी गई। कामना ने बताया कि उनके इस शोध के बूते छात्रों की पढ़ाई में मानसिक क्षमताओं और स्कूल के माहौल की भूमिका को वैज्ञानिक रूप से उजागर किया गया है । यह शिक्षकों, नीति-निर्माताओं और अभिभावकों के लिए उपयोगी दिशानिर्देश प्रदान कर सकता है।

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कामना वर्मा, जो शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं, ने स्नातकोत्तर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद यह शोध आरंभ किया था। उनके कार्य ने सिद्ध किया कि सकारात्मक शालेय वातावरण छात्रों की मानसिक योग्यता को कैसे मजबूत बनाता है और शैक्षिक परिणामों को बेहतर करता है। उनके परिवार के सदस्य कहते हैं कि यह अध्ययन विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच अंतर को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

शोधकार्य मैट्स यूनिवर्सिटी की डीन एवं डायरेक्टर डॉ. परविंदर हंसपाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। डॉ. हंसपाल, जो शिक्षा अनुसंधान में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं, ने कहा, कामना का यह शोध हमारे विश्वविद्यालय की शोध परंपरा को मजबूत करता है। हम गर्व महसूस कर रहे हैं।

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अपनी सफलता पर कामना वर्मा ने कहा, यह मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरी निर्देशिका डॉ. हंसपाल, पति   सी.एम. वर्मा, भाई  अवधेश वर्मा, परिवार के अन्य सदस्यों और सभी सहयोगियों का परिणाम है। उनका सहयोग मेरे लिए प्रेरणा स्रोत रहा। उन्होंने आगे जोड़ा, मै इस शोध को व्यावहारिक रूप से लागू कर छात्रों की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।
परिवारजन, शुभचिंतकों और कामना के छात्रों ने इस उपलब्धि पर बधाई दी।
मैट्स यूनिवर्सिटी, जो उच्च शिक्षा और शोध में छत्तीसगढ़ का अग्रणी नाम है, इस तरह की उपलब्धियों से राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को समृद्ध कर रही है। कामना वर्मा के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि उनका कार्य राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनेगा।

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