क्या पीएमश्री विद्यालय की चयन में मापदंडो का ख्याल रखा गया है ?

जगदलपुर विवेकानंद स्कूल को पीएम श्री का दर्जा नहीं मिल सका है। इससे पालकों में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पीएम श्री विद्यालयों के चयन में निर्धारित मापदंडो का पालन किया गया है ? अनिगनत पुरस्कारों और उच्च शैक्षिणिक स्तर को लगातार पांच सालों से कायम रखने वाले विवेकानन्द स्कूल का चयन नहीं होना निश्चित तौर पर हैरानी पैदा कर रहा है। एक पालक कहते हैं हर मामले इस अवव्ल रहने वाले इस विद्यालय को पीएम श्री का दर्जा नहीं मिलना यह सवाल पैदा करता है कि क्या चयन प्रकिया का पूर्णतः पालन किया गया ? विवेकानन्द स्कूल की गणित व्याख्ता टी रूचिका कहती हैं कि हमे दुख हुआ । हम हैरान है कि हमारा चयन क्यों नहीं हुआ?
विवेकानन्द की प्राचार्या मनीषा का कहना है हमने चुनौती पद्धति में दर्शाए सारे पैरामीटर का पालन किया है। हमारे छात्र ने बोर्ड में जिले में टॉप किया है तो दूसरी तरफ स्वच्छता सर्वेक्षण में हमे सरकार की तरफ से पुरस्कार भी मिले हैं।
इस बात में बल तो है पूरे जिले की बात कहें तो अंग्रेजी माध्यम में विवेकानन्द स्कूल की दर्ज संख्या 854 है और हिन्दी माध्यम भी संचालित है। नितेश कुमार बघेल ने बारहवी बोर्ड में 93 प्रतिशत लेकर जिले का टापर बना है वह विवेकानन्द का ही छात्र है . राष्ट्रीय कला उत्सव –
बस्तर जिले से एकमात्र विवेकानंद स्कूल से २०२२-२३ में दिव्यांशी ठाकुर का चयन लोक नृत्य में राष्ट्रीय कला उत्सव, भुवनेश्वर के लिए हुआ था तथा अगले वर्ष २०२३-२४ में शास्त्रीय नृत्य विधा मे सुजय जोगी का चयन राष्ट्रीय कला उत्सव, दिल्ली के लिए हुआ।।प्राचार्या मनीषा खत्री कहती है कि बस्तर जिले से राष्ट्रीय स्तर पर कला उत्सव मे चयन सिर्फ विवेकानंद स्कूल के बच्चों का हुआ मिनिस्ट्री ऑफ यूथ एंड पार्लीयमेंटरी अफ़ाइर्स, न्यू दिल्ली द्वारा २०२५-२६ मे छत्तीसगढ़ राज्य से अजय सिंह का चयन हुआ। अजय सिंह और मेंटर गणित व्याख्ता टी रूचिका के साथ मिनिस्ट्री ऑफ यूथ के प्रबंध पर दिल्ली गए हुए थे। यह विवेकानन्द के लिए बड़ी उपलब्धि है।

पीएम श्री का आखिर क्या है?
पीएमश्री स्कूल (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) भारत सरकार की एक सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम है, जिसका मकसद 14,500 से ज़्यादा मौजूदा सरकारी स्कूलों को मॉडल इंस्टीट्यूशन में अपग्रेड करना है। छत्तीसगढ़ में पीएम श्री 341 विद्यालय है । ये स्कूल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के उदाहरण हैं, जो बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी वाले क्लासरूम और 21वीं सदी के लिए होलिस्टिक, स्किल-बेस्ड लर्निंग के साथ हाई-क्वालिटी, इनक्लूसिव और मॉडर्न एजुकेशन पर फोकस करते हैं।

एमओ ई द्वारा आयोजित एनएमएम एस ( राष्ट्रीय साधन सह प्रवीयता छात्रवृत्ति) परीक्षा मे २०२२-२३ में बस्तर जिले से विवेकानंद स्कूल के राकेश कुमार मरकाम का चयन हुआ। तथा गत वर्ष पूरे बस्तर जिले से एकमात्र विवेकानंद स्कूल की छात्रा अनुशा यादव का चयन इस अति प्रतिष्ठित एनएमएमएस परीक्षा के लिए हुआ जिसमे प्रति वर्ष १२०००/ रुपए छात्रवृत्ति प्राप्त होगी

पीएम श्री स्कूलों की खास बातें

इंफ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, साइंस लैब और प्लेग्राउंड के साथ मॉडर्नाइज़्ड।
करिकुलम होलिस्टिक डेवलपमेंट, एन ई पी 2020 को लागू करने और 21वीं सदी के स्किल पर फोकस करता है।
माहौल अलग-अलग बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के लिए एक वेलकमिंग, सेफ और इनक्लूसिव माहौल देता है।
पेडागॉजी इसमें पूछताछ से चलने वाली, खोज पर आधारित और खेल-खेल में सीखने पर ज़ोर दिया जाता है।
लागू करना यह स्कीम 5 साल (2022-23 से 2026-27) के समय में लागू की जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच फंडिंग शेयर की जाएगी।
सवाल उठना स्वाभाविक है क्या शैक्षणिक और अन्य मापदंडो को चयन प्रकिया में निरीक्षण के दौरान देखा गया ?

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