जगदलपुर, 13 अप्रैल बस्तर संभाग के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। महारानी जिला चिकित्सालय, जगदलपुर में अत्याधुनिक ‘अटल आरोग्य लैब’ का भव्य शुभारंभ किया गया, जो क्षेत्र के नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक महत्वपूर्ण सौगात है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस उच्च स्तरीय लैब का लोकार्पण कर प्रदेश में “सही जाँच, सही इलाज” के संकल्प को सुदृढ़ किया। इसी कड़ी में, स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए नगर पालिक निगम के अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन ने विधिवत फीता काटकर लैब का औपचारिक उद्घाटन किया। यह लैब अब बस्तर के लोगों को उनके घर के पास ही कम समय में सटीक और उच्च गुणवत्ता वाली पैथोलॉजी जांच उपलब्ध कराएगी।
प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उप संचालक डॉ. वी.आर. भगत और राज्य सलाहकारों ने लैब की तकनीकी कार्यक्षमता के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें नगर निगम के सभापति श्री निर्मल पाणिग्राही और स्वास्थ्य सभापति श्री लक्ष्मण झा प्रमुख थे। डॉ. संजय बसाक, डॉ. नीरज ओझा और विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि इस लैब के शुरू होने से अब मरीजों को जटिल जांचों के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना होगा। कार्यक्रम में श्रीमती आशा साहू, श्रीमती पूनम सिन्हा और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस नई सुविधा का स्वागत किया।
कलेक्टर श्री छिकारा ने अटल आरोग्य लैब का किया निरीक्षण और यहां उपलब्ध सुविधाओं की ली जानकारी
इस दौरान कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने अटल आरोग्य लैब का निरीक्षण किया और यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर श्री छिकारा ने लैब में उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी उपकरणों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और लैब टेक्नीशियनों से पैथोलॉजी जाँचों की प्रक्रिया और उनकी सटीकता पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अटल आरोग्य लैब का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विश्वसनीय स्वास्थ्य जाँचें पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकार के टेस्ट शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराए जाएँ ताकि मरीजों का उपचार अविलंब शुरू हो सके।