जिला प्रशासन की पहल से सुकमा से इलाज के लिए ग्रामीण पहुँचे।

जगदलुपर / इलाज के लिए तड़पते मरीज को सुकमा के इलाके में एंबुलेंस नसीब नहीं हुआ दूसरी तरफ खबर आ रही है कि पहली दफे सुकमा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों से आदिवासी समाज के बुजुर्ग  करेगुड़ा,मिलमपल्ली, तीम्मापुरम, सिलगेर,चिमलीपेंटा ,जैसे धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकल कर, शहर पहुंचे हैं।  15 लोगों को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में एडमिट करवाया गया है। इनकी डिमरापाल अस्पताल में जिला प्रशासन की पहल से भर्ती कराया गया है।

इसे भी पढ़िए! एम्बुलेंस न मिलने के कारण मरीज़ को कांवड़ में अस्पताल ले जाया गया

सबसे अहम बात यह है कि वे गोंडी बोली के अलावा कुछ नहीं बोल पाते हैं। इन बुजुर्गों को सुकमा जिले के अंदुरूनी क्षेत्रों से मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए जिला प्रशासन ने लाया है।
इनसें मिलने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने डिमरापाल अस्पताल में मुलाकात की ।विधायक किरण देव ने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में भी प्रशासन की अब पहुंच बन रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति के साथ हमारी सरकार हमेशा खड़ी है।

सुकमा के अंदुरूनी क्षेत्रों से आये मरीजों के नाम कटम देवा,कटम रामा,उका जिमें ,कोरसा,पदम बुमें,सोढ़ी ,मंजू,मडक्म सोढ़ी ,मडक्म ,उका ,सोढ़ी मुक्का,कटम देवा,मडावी सुक्की,पदम हैं । ये 15 लोगों समूह है। ।सभी मरीजों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच ,सलाह एवं आपरेशन हेतु डॉक्टरों द्वारा परीक्षण तत्काल शुरू किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *