सिंचाई और पर्यटन विकास को मिलेगी गति
जगदलपुर, 04 जनवरी । बस्तर जिले में जल संवर्धन की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने और बुनियादी ढांचे के विस्तार के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्टर श्री हरिस एस ने लोहंडीगुड़ा और बस्तर विकासखंड का सघन भ्रमण कर चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। जिले में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और पर्यटन को नए आयाम देने के लिए चल रहे इन कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण की गुणवत्ता और तय समय सीमा के साथ कोई समझौता न किया जाए।
कलेक्टर के इस दौरे की शुरुआत लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम कर्रेकोट से हुई, जहाँ इंद्रावती नदी पर 18 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से एक विशाल एनिकट सह पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगी, क्योंकि इसके पूर्ण होने पर न केवल कर्रेकोट की 890 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, बल्कि यह पुलिया बिन्ता, सतसपुर, धर्माबेड़ा और चंदेला जैसे गांवों के लिए बारहमासी आवागमन का साधन भी बनेगी। वर्तमान में इस परियोजना का 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और प्रशासन ने इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की इसी कड़ी में कलेक्टर ने ग्राम मिचनार में चल रहे दो महत्वपूर्ण स्टॉप डैम निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। यहाँ जिला खनिज न्यास संस्थान मद से 2 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से मिचनार खासपारा स्टॉप डैम बनाया जा रहा है, जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और पाइपलाइन का काम अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होते ही फरवरी 2026 तक स्थानीय किसानों को सौर उदवहन के जरिए 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं इसी गांव में जल संसाधन विभाग द्वारा 2 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से मगरपखना मिचनार स्टॉप डैम का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिसका 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जिससे 70 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र सिंचित हो सकेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर ने बस्तर विकासखंड के सालेमेटा में कोसारटेडा बांध के समीप निर्माणाधीन इको-टूरिज्म रिसॉर्ट का निरीक्षण किया। जिला खनिज न्यास मद से 3 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस रिसॉर्ट का 65 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मार्च 2026 तक इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद है, जिससे न केवल क्षेत्र में पर्यटन का विकास होगा, बल्कि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस निरीक्षण भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग श्री भरत कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।