आपका भरोसा है …मुझ में: प्रियंका गांधी

0
625

मैं यहां पहली बार आई हूं आप मुझे नहीं जानते हैं।

जगदलपुर/ भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा
आप इसलिए आए हैं क्योंकि आपका मेरे परिवार पर भरोसा है। आप इसलिए आए हैं क्योंकि नेहरू जी और इंदिरा गांधी जी के दिल में आपको लेकर विशेष सम्मान था।यहां की कहानियों, आपकी संस्कृति, आपके संघर्ष के बारे में मैं सबकुछ जानती हूं।मेरे घर के सदस्यों ने आपकी संस्कृति, संघर्षों और चुनौतियों को जाना।सार्वजनिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज भरोसा होता है।

आइसक्रीम मत खाइए..

यहां जब मैं आई तो एक बहन ने मेरे लिए सुबह से आइसक्रीम बना कर रखी थी, लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो मुझसे कहा कि आपको अभी मंच से बोलना है इसलिए आप ठंडी आइसक्रीम मत खाइए…ये एक बहन का भरोसा है, एक पल में मेरा उनसे रिश्ता बन गया
विशिष्ट अतिथि प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं योजनाओं की सराहना की।

लालबाग मैदान में आयोजित भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों द्वारा जिले में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों तथा नवाचार योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बस्तर संभाग में की गई यात्राओं को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा बस्तर काॅफी उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक का जीवंत प्रदर्शन, बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प द्वारा लकड़ी की नक्काशी, जिला प्रशासन के नवाचार थिंक-बी से संबंद्ध माम्स फूड, पुलिस विभाग की सामुदायिक पुलिसिंग मनवा नवानार, टसर कोसा से धागाकरण एवं वस्त्र बुनाई, बस्तर फूड फर्म द्वारा महुआ की चाय और अन्य उत्पाद, वन विभाग के ईमली और काजू प्रसंस्करण निर्माण का प्रदर्शन किया गया है।

इसी तरह सुकमा से शिल्पकला टेराकोटा और पुनः संचालित शालाएं, कांकेर जिले से सीताफल, जामुन, मैंगों पल्प, सीताफल आईस्क्रीम एवं शेक, नारायणपुर जिले से मिलेट्स उत्पाद और बांस शिल्प, कोंण्डागांव जिले से बेलमेटल ज्वेलरी, सजावटी सामान और कोकोनट कोल्ड प्रेस आयल, दंतेवाड़ा जिले से डेनेक्स द्वारा कपड़े सिलाई का कार्य और बीजापुर जिले से चिकी मिलेट्स प्रोसेसिंग के कार्य का प्रदर्शन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बस्तर काॅफी के उत्पादन की गतिविधि वर्ष 2016-17 से प्रारंभ की गई है। जिसमें महिला समूह के सदस्यों द्वारा लगभग 06 लाख रूपए वार्षिक सकल लाभ अर्जित की जा रही है। बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प निर्माता संगठन द्वारा लकड़ी की नक्काशी का कार्य वर्ष 2021-22 से 40 सदस्यों के समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वार्षिक सकल लाभ 10 लाख रूपए अर्जित की जा रही है। इसी प्रकार माम्स फूड में 92 महिला सदस्यों द्वारा वर्ष 2021 में प्रारंभ की गई और समूह के द्वारा सालाना 32 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया जा रहा है। सुकमा जिले के शिल्पकला टेराकोटा के 20 सदस्यों द्वारा वर्ष 2022-23 में प्रारंभ कर 14 लाख रुपए सालाना लाभ प्राप्त किया जा रहा है। कांकेर जिला के कांकेरवैली फ्रेश परियोजना अंतर्गत 250 महिला सदस्यों द्वारा संचालित प्रसंस्करण कार्य में सालाना 18 लाख 12 हजार रुपए से अधिक की कमाई की जाती है। नारायणपुर मिलेटस उत्पादन में 50 महिला सदस्यों के द्वारा सालाना सकल लाभ 30 लाख अर्जित की जा रही है। कोंण्डागांव जिले के बेलमेटल ज्वेलरी से 20 लाख रूपए और सजावटी उत्पाद बनाने वाली महिला समूह के द्वारा 15 लाख वार्षिक सकल लाभ प्राप्त किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में वर्ष 2020-21 सेे प्रारंभ की गई डेनक्स कपड़ा सिलाई कार्य में 850 महिला सदस्यों के द्वारा 04 करोड़ का वार्षिक सकल लाभ अर्जित किया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here