बस्तर के 551 ग्राम संगठनों में महिलाओं ने डिजिटल माध्यम से जानी आत्मनिर्भरता की नई रणनीति
जगदलपुर शुक्रवार को ग्रामीण भारत के आर्थिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब बस्तर जिले के सभी जनपद स्तरों सहित 28 संकुल स्तरीय संगठनों और 551 ग्राम संगठनों में 20 से 25 हजार महिलाओं ने डिजिटल माध्यम से शी वूमेन मार्ट फॉर रूरल वूमेन लेड इंटरप्राइजेज वेबिनार में शिरकत की। बजट 2026 की महत्वाकांक्षी शी मार्ट (सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट) पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों के कौशल को वैश्विक पहचान दिलाना और उनके उत्पादों के लिए एक सुदृढ़ बाजार ढांचा तैयार करना है।
इस कार्यक्रम के दौरान बस्तर की महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास देखा गया, क्योंकि अब सरकार का ध्यान उन्हें केवल ऋण लेने वाले समूहों तक सीमित न रखकर वास्तविक ‘बिजनेस ओनर’ बनाने पर है। इस नई रणनीति के तहत महिलाओं को अपने उत्पादों की स्वयं ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे ‘लखपति दीदी’ के पड़ाव को पार कर एक बड़े उद्यम की मालकिन बन सकें। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप शी मार्ट के रूप में ऐसे सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स की श्रृंखला स्थापित की जाएगी जो सीधे ग्रामीण उत्पादकों के स्वामित्व में होंगे। इससे न केवल बिचौलियों का प्रभाव समाप्त होगा, बल्कि बस्तर के हस्तशिल्प, जैविक खाद्य पदार्थों और स्थानीय कलाकृतियों का सीधा लाभ उन महिलाओं तक पहुँचेगा जिन्होंने इन्हें अपने हाथों से गढ़ा है।
तकनीक के इस युग में ग्रामीण उत्पादों को शहरों और वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए ‘भारत विस्तार’ जैसे एआई-पावर्ड डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का सहारा लिया जा रहा है, जिससे बस्तर का छोटा सा गांव भी सीधे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकेगा। वेबिनार के दौरान इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि संकुल स्तरीय फेडरेशन्स के माध्यम से क्लस्टर आधारित विकास को गति दी जाए, जहाँ महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उनके उत्पाद बड़े ब्रांड्स के साथ बराबरी का मुकाबला कर सकें। वित्तीय समावेशन को और मजबूत करते हुए अब महिलाओं के लिए इनोवेटिव फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट्स और आसान ऋण सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे वे अपने लघु कार्यों को बड़े उद्योगों में परिवर्तित कर सकें। यह वेबिनार बस्तर सहित पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें देश की मुख्य आर्थिक विकास धारा में अग्रणी भूमिका निभाने की एक ठोस सरकारी रणनीति के रूप में उभरा है।