आजादी के बाद पहली बार गांव में खुला स्कूल, गूंजा राष्ट्रगान

नारायणपुर, 28 फरवरी – छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम और संवेदनशील माने जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कोड़ेनार के लिए कल का दिन एक ऐतिहासिक क्रांति का साक्षी बना। जिला प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत कच्चापाल के इस आश्रित ग्राम में पहली बार नियमित स्कूल का विधिवत शुभारंभ 25 फरवरी 2026 को किया गया। इस ऐतिहासिक पहल के साथ ही कोड़ेनार के बच्चों के लिए दशकों से बंद शिक्षा के द्वार अब उनके अपने ही गांव में खुल गए हैं।


कोड़ेनार गांव में कुल 14 परिवार निवास करते हैं, जहाँ की आने वाली पीढ़ी ने आज तक अपने गांव में स्कूल की घंटी नहीं सुनी थी। पूर्व में किए गए सर्वेक्षण के दौरान यहाँ 6 वर्ष से अधिक आयु के 25 बच्चे चिन्हित किए गए थे, जिन्हें पढ़ाई के लिए 6 से 7 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों को पार कर दूसरे गांव जाना पड़ता था। इन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिम भरे रास्तों के कारण अधिकांश बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से कटे हुए थे। प्रशासन ने बच्चों के इस संघर्ष को समाप्त करते हुए गांव के भीतर ही विधिवत शाला संचालित करने का अभूतपूर्व निर्णय लिया।
स्कूल के गरिमामय शुभारंभ अवसर पर जनपद पंचायत ओरछा के उपाध्यक्ष मंगडूराम नुरेटी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, विकासखंड ओरछा के संतुराम नूरेटी, ग्राम पंचायत कच्चापाल के सरपंच, संकुल समन्वयक, ग्राम पंचायत सचिव एवं कोड़ेनार के समस्त ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में कोड़ेनार के इतिहास में पहली बार सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया और भारत माता के जयकारे लगाए गए, जिससे पूरे गांव में देशभक्ति और उत्साह का संचार हुआ। इस भावुक क्षण में सभी 25 चिन्हित बच्चों को शाला में विधिवत प्रवेश दिलाया गया।
उपस्थित अतिथियों द्वारा बच्चों को निशुल्क गणवेश, स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां और पहाड़ा पुस्तिका जैसी आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस नई शाला का संचालन एक शिक्षक के माध्यम से विधिवत प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे अब कोड़ेनार के बच्चे अपनी माटी पर ही सुरक्षित रहकर आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। गांव में पहली बार स्कूल खुलने से ग्रामीणों में जश्न का माहौल है और उन्होंने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। कलेक्टर ने कहा कि यह कदम न केवल कोड़ेनार के बच्चों का भविष्य संवारेगा, बल्कि अबूझमाड़ के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगा।

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