जगदलपुर, 3 अगस्त जगदलपुर मुख्यालय से सटा ग्राम तिरिया अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। तिरिया अब ग्राम सभा की एक अनूठी पहल के कारण स्थानीय आजीविका और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक केंद्र बन गया है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार मिलने के बाद तिरिया ग्राम सभा ने सतत विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
इसी कड़ी में 27 जुलाई को ग्राम सभा और सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर तिरिया संगम पिकनिक स्पॉट पर एक व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह स्थल ग्राम सभा द्वारा ही संचालित एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहाँ ग्रामीण पहले से ही पर्यटकों के लिए बांस से बनी नावों (बैंबू राफ्टिंग) और पिकनिक की सुविधा प्रदान कर रहे थे।
ग्राम सभा को वन अधिकार पत्र मिलने से पहले भी ग्रामीण जंगल की सुरक्षा के लिए 23-23 सदस्यों की गश्ती टीमें बनाकर सक्रिय थे। हालांकि, इन प्रयासों से कोई स्थायी आय का साधन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में, ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से तिरिया संगम को एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिसका दोहरा उद्देश्य था, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार का सृजन।
पिछले दो वर्षों से पर्यटकों से एकत्रित किए गए शुल्क का उपयोग इस वर्ष आम, जामुन, आंवला, बेर, नारियल, बादाम, कचनार, बांस, कदम्ब, जाम, नीम और विभिन्न प्रकार के फूलों सहित मिश्रित प्रजातियों के पौधे खरीदने और रोपण करने के लिए किया गया। यह पौधरोपण केवल पर्यटन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नालों के किनारे-किनारे भी किया गया। यह दूरगामी सोच आने वाले वर्षों में न केवल हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि फलों और औषधीय पौधों से आय का अतिरिक्त स्रोत भी विकसित करेगी।
ग्राम सभा की इस पहल की सराहना करते हुए, वन विभाग ने भी विभिन्न प्रकार के पौधे प्रदान किए, जिनका रोपण ग्राम सभा द्वारा उसी पर्यटन स्थल पर किया गया।
ग्राम तिरिया का यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि जब स्थानीय समुदायों को अधिकार और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने क्षेत्र के विकास और संरक्षण में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। तिरिया ग्राम का यह मॉडल निश्चित रूप से अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
ग्रामीणों की पहल से प्राकृतिक पर्यटन और आजीविका का नया अध्याय
