28.20 मीटर भाला फेंककर रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान
दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन

सुकमा/ प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल रोकेल, विकासखंड छिंदगढ़, जिला सुकमा की होनहार छात्रा बबली नेगी ने राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। दिल्ली में 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 70वीं डीएवी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में बबली ने अंडर-17 बालिका भाला फेंक स्पर्धा में 28.20 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने राष्ट्रीय कीर्तिमान भी स्थापित किया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष और गौरव का माहौल है।
विद्यालय प्राचार्य श्री पी.के. दास के कुशल मार्गदर्शन एवं खेल शिक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने खेलों के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसी का परिणाम है कि क्लस्टर स्तर पर 89 विद्यार्थियों (52 बालक एवं 37 बालिकाओं) ने सहभागिता की, जिनमें से 49 खिलाड़ी (35 बालक एवं 14 बालिकाएं) जोनल स्तर तक पहुंचे। इसके पश्चात राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 27 खिलाड़ियों (19 बालक एवं 8 बालिकाओं) ने दिल्ली में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों ने हैंडबॉल, नेटबॉल, बैडमिंटन, क्रिकेट, शतरंज, रोलर स्केटिंग, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स एवं भाला फेंक सहित विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बबली नेगी की इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्रार्थना सभा में प्राचार्य पी.के. दास ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, “बबली ने आज यह सिद्ध कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यह केवल स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि डीएवी परिवार के संस्कार, अनुशासन और कड़ी मेहनत का प्रतीक है। बबली ने उन सभी विद्यार्थियों को प्रेरणा दी है, जो बड़े सपने देखते हैं।” उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल भी जीवन का अनिवार्य हिस्सा हैं। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और हार के बाद भी जीतने का हौसला विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से बबली की सफलता से प्रेरणा लेकर शिक्षा और खेल, दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने का आह्वान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बबली की इस गौरवपूर्ण सफलता पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी और मिठाई बांटकर खुशी मनाई। उनकी उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच मेहनत, लगन एवं आत्मविश्वास से सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करने वाली बबली नेगी ने यह संदेश दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी इस स्वर्णिम सफलता ने सुकमा जिले को राष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दिलाई है।