जगदलपुर /बस्तर के ऐतिहासिक दशहरे में हुए शुरू से विवाद को लेकर सोशल मीडिया में खूब चर्चा हुई । 27 अक्टूबर को बस्तर सांसद और बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने समिति के अन्य सदस्यों के साथ एक प्रेस वार्ता ली और सोशल मीडिया में आए तमाम बातों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां इसमें राजनीतिक कर रही है। काछिन देवी के प्रतीक कन्या को न मिलाए जाने और रथ परिचालन के दौरान हुए मृतक के सरकारी मुआवजे पर बात कही।
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जोगी बिठाई पर हुए विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें चाढ़ावा देकर विदा करना एक परम्परानुसार की गई रस्म थी मगर उन्हें राष्ट्रपति से मिलने नहीं दिया गया न ही मुरिया दरबार में शामिल क्यों नहीं हो पाए इस पर कोई टिप्पणी नहीं की
कछिन देवी के रूप में अन्य कन्या को मिलाए जाने के विषय में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी को सभी रस्मों को दिखाने के लिए हमने एक स्टाल लगाया था । वहीं सब प्रतीकात्मक थी इसीलिए कन्या को प्रतीकात्मक रूप में राष्ट्रपति से मिलाय गया ।
हांलाकि वे इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि वास्तविक कन्या राष्ट्रपति से मिलाने का वायदा क्यों पूरा नहीं किया गया ।
वहीं जेसीबी से रथ खींचे जाने को लेकर पूछे सवाल का जबाव इस प्रकार मिला मानो 600 सालों में पहली बार रथ खराब हुआ ।
कुल मिलाकर सोशल मीडिया में दशहरा को लेकर उठाए जा रहे तमाम सवालों के बारे में कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए । यह राजनीतिक पार्टियां फिल्ड पर नहीं बल्कि एसी कमरों में बैठकर बात करती है।