ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए वैश्विक स्तर पर पहुंचेगी बस्तर की शिल्पकला
जगदलपुर, 3 अक्टूबर 2026/ बस्तर की ऐतिहासिक और समृद्ध हस्तकला को एक ही छत के नीचे लाकर वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे बस्तर कला गुड़ी एक्सपीरियंस जोन का शुक्रवार को कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय खन्ना भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने पूरे परिसर का बारीकी से मुआयना करते हुए निर्माण कार्यों और कलाकृतियों के प्रदर्शन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस महत्वाकांक्षी एक्सपीरियंस जोन में बस्तर की पारंपरिक पहचान माने जाने वाले ढोकरा शिल्प, उत्कृष्ट मूर्तिकला, सीसल, टेराकोटा, रॉट आयरन (लोह शिल्प) और बांस कला से निर्मित अनूठे उत्पादों को प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए व्यवस्थित रूप से संजोया जा रहा है। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि इस पूरे परिसर को स्थानीय कला एवं संस्कृति के अनुरूप और अधिक नयनाभिराम व आकर्षक बनाया जाए। पर्यटकों और आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करने के लिए यहां स्थानीय शिल्पकारों द्वारा कलाकृतियों के निर्माण का लाइव प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा, जिससे दर्शक बस्तर के पारंपरिक हुनर को करीब से देख और समझ सकें।
इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों की आय बढ़ाने और इन विशिष्ट उत्पादों की देश-विदेश तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने ‘बस्तर आर्ट ऑनलाइन पोर्टल’ लॉन्च करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। इस डिजिटल पहल के माध्यम से बस्तर के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को गति मिलेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की कला का प्रचार-प्रसार होगा और बिचौलियों के बिना सीधे स्थानीय कारीगरों को उनकी मेहनत का पूरा आर्थिक लाभ मिल सकेगा।