नक्सलवाद खत्म होने के बाद हर प्रभावित ग्राम पंचायत को 1-1 करोड़ देने का वादा कहां गया? जवाब दे भाजपा सरकार- राजेश चौधरी

जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा किए गए घोषणा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जिसमें नक्सलवाद समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों की प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि देने की बात कही गई थी।राजेश चौधरी ने कहा कि बस्तर अंचल के नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायतों में रहने वाले ग्रामीण आदिवासी भाइयों को उम्मीद थी कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद उनके गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री की घोषणा के बाद ग्रामीणों को लगा था कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को एक करोड़ रुपये मिलने से उनके गांवों की तस्वीर बदलेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद में समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। उन्हें भी उम्मीद रही होगी कि उनके क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद समाप्ति की घोषणा के बाद लगभग छह माह बीत चुके हैं, लेकिन आज दिनांक तक प्रत्येक नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत को एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में बस्तर के ग्रामीणों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर केंद्र सरकार ने जिस विकास की घोषणा की थी, वह कब और कैसे जमीन पर उतरेगा?एक ओर सरकार ग्राम पंचायतों के विकास के लिए की गई घोषणा को लेकर कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुदूर अंचलों में उद्योगपतियों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे बस्तर के जल, जंगल और जमीन को लेकर ग्रामीणों के बीच चिंता बढ़ रही है।राजेश चौधरी ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार वास्तव में बस्तर के आदिवासियों, ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों का विकास चाहती है, तो उसे सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई घोषणा को अमल में लाना चाहिए। छत्तीसगढ़ के सभी नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायतों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत कर विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं।उन्होंने कहा कि घोषणा के बावजूद राशि स्वीकृत नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है और सरकार के वादों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि नक्सलवाद समाप्ति के बाद प्रत्येक नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा को तत्काल पूरा किया जाए और बस्तर के ग्रामीणों को विकास का वास्तविक लाभ दिया जाए।
राजेश चौधरी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार अपनी घोषणा को पूरा नहीं करती है, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बस्तर के नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के सामने सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और अपने वादे को पूरा करने की दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए।

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