हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे पुनर्वासित प्रशिक्षार्थी

सुकमा/ हिंसा और भटकाव का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सली एवं पुनर्वासित प्रशिक्षार्थी अब अपने हाथों में हुनर लेकर आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) सुकमा के द्वारा 26 अगस्त से 6 सितंबर तक आयोजित 12 दिवसीय सब्जी की खेती एवं नर्सरी प्रबंधन प्रशिक्षण इसी बदलाव को मजबूत आधार दे रहा है। प्रशिक्षण के तहत शनिवार को फैकल्टी श्री खुशाल चन्द्र केशरवानी के नेतृत्व में प्रशिक्षार्थियों को उद्यान एवं नर्सरी सुकमा का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।

भ्रमण के दौरान उद्यान विकास अधिकारी श्री नवेश तिग्गा एवं विशिष्ट कृषि विकास अधिकारी श्री सुरेश कुमार बेग ने प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न पौधों की प्रजातियों, रोपण, देखभाल और ग्राफ्टिंग के जरिए उन्नत पौधे तैयार करने की तकनीक की जानकारी दी। प्रशिक्षार्थियों ने खेती की बारीकियों को समझने के साथ अधिकारियों से कई सवाल किए। उनके लिए यह भ्रमण केवल जानकारी हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि सीखे गए हुनर को आजीविका में बदलने की दिशा में व्यावहारिक कदम रहा।

हुनर से बदलेगी जिंदगी की दिशा: शैक्षणिक भ्रमण से उत्साहित प्रशिक्षार्थियों ने कहा कि उन्हें खेती और नर्सरी के क्षेत्र में स्वरोजगार की नई संभावनाओं की जानकारी मिली है। कृषि आधारित प्रशिक्षण उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने, सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर दे रहा है। पुनर्वास की यह पहल अब केवल मुख्यधारा से जुड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता के जरिए नई जिंदगी गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *