पोटाकेबिन और आश्रमों को बनाएं अपना घर, बच्चों को दें अपनेपन और संस्कारों की छांव: शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव

सुकमा/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को पोटाकेबिन, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अधीक्षकों और कर्मचारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव का बेहद संवेदनशील और अभिभावकीय रूप देखने को मिला। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में मंत्री ने व्यवस्थापकों को कर्तव्यबोध कराते हुए कहा कि जिस केंद्र में आपकी पदस्थापना है, उसे अपना घर और वहाँ रहने वाले नौनिहालों को अपनी संतान समझें। उन्होंने सुबह उठने से लेकर रात सोने तक बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और पारिवारिक स्नेह सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बस्तर के सुदूर वनांचल के बच्चे खुद को सुरक्षित और समर्थ महसूस कर सकें।
संवेदनशीलता के साथ ही शिक्षा मंत्री ने व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने वालों को सख्त लहजे में चेताया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण न करने वाले अधीक्षकों पर कड़ी कार्रवाई हो और पारदर्शी व्यवस्था के लिए रोस्टर प्रणाली लागू की जाए। छात्रावास परिसरों और भोजनालयों में बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। रसोइयों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और व्यसनमुक्ति पर विशेष ध्यान देने की हिदायत देते हुए उन्होंने रसोई में गुटखा खाने या नशे की हालत में प्रवेश को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए।
आधुनिक शिक्षा और मजबूत दिनचर्या पर बल देते हुए मंत्री ने दैनिक रूप से न्यूनतम चार घंटे के गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का प्रभावी टाइम-टेबल बनाने को कहा। उन्होंने पोटाकेबिनों में टीवी, प्रोजेक्टर और विज्ञान प्रयोगशालाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण प्रतिभाएं तकनीकी संसाधनों से वंचित न रहें। दिन की शुरुआत पीटी, व्यायाम और खेलों से करने, खेल के बाद मां दंतेश्वरी की वंदना, भोजन से पूर्व ‘भोजन मंत्र’ और संध्या समय आरती-भजन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे बच्चों के भीतर अनुशासन, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संस्कारों का स्वाभाविक संचार हो सके।
स्थानीय माटी के गौरव और आत्मरक्षा को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाते हुए शिक्षा मंत्री ने एक अनूठी पहल की घोषणा की। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘संवारी बैगलेस डे’ पर बच्चों को सुकमा की धरा पर नक्सल मुठभेड़ों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों की गाथाएं सुनाई जाएं, ताकि वे अपने क्षेत्र के नायकों के त्याग और साहस से प्रेरित हो सकें। इसके अलावा, छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए महिला कमांडेंट के माध्यम से आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) प्रशिक्षण और स्काउट-गाइड्स को पुलिस विभाग के सहयोग से बैंड का विधिवत प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए।
बच्चों के स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने हर माह अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण और लंबे अवकाश से लौटने वाले विद्यार्थियों की विशेष मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के परिजनों से अधीक्षकों को सीधे संपर्क साधने तथा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में स्वच्छता हेतु अतिरिक्त सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की व्यवस्था तय की गई। बैठक के समापन पर कलेक्टर व जिला सीईओ ने शिक्षा मंत्री को स्मृति चिह्न स्वरूप भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की, वहीं मंत्री के इन दूरगामी दिशा-निर्देशों से सुकमा के आवासीय विद्यालयों में संवेदनशीलता और जवाबदेही की नई शुरुआत की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत सेल्फी लेकर लोगों को डिजिटल जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।