जगदलपुर — कांग्रेस का वंदे मातरम् पर दो अंतरे गाने का फैसला राष्ट्रविरोधी की श्रेणी मे आता है। यह बाते राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने कही उन्होंने कहां कांग्रेस का मकसद कानून की खुली अवहेलना कर वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण करना है। कांग्रेस ने ही 1937 मे तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम के दो टुकड़े किए। यही से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ।
राणा ने कहा वंदे मातरम के 150 वें वर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूरे गान को कानूनी स्वरूप दिया लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण के रास्ते पर है। कांग्रेस ने अब राष्ट्रीय गीत के अपमान को बाकायदा एक प्रस्ताव के रूप मे औपचारिक रूप दे दिया है।
भारत माता की इस पावन वंदना का अपमान उन हजारों बलिदानों का तिरस्कार है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया है। कांग्रेस ने हर बार राष्ट्र के स्वाभिमान को गिरवी रखा है। भारत की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।