जगदलपुर, 20 अगस्त । सत्र न्यायालय बस्तर के पीठासीन अधिकारी गोविंद नारायण जांगड़े ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी नीलू उर्फ नीलुराम मंडावी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों धाराओं में आरोपी पर 100-100 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना परपा क्षेत्र के ग्राम बड़े बोदल निवासी बोड़ंकू मंडावी अपनी पत्नी जयमनी मंडावी के साथ कोठार बाड़ी में थे। इसी दौरान आरोपी नीलू उर्फ नीलुराम मंडावी को रात्री 8 बजे पेज खाने बोलने पर नही खाना है मुझे भूख नहीं है कहते हुए हथौड़ा एवं राड लेकर आया अपनी भाभी को तुम्हारे कारण ही मेरी पत्नी अपने मायके भागी है मै तुम्हें नही छोडुगा जान से मारूँगा कहते हुए अपने बड़े भाई बोड़ंकू और भाभी जयमनी की हत्या करने के आशय से उन पर रॉड और हथौड़े से हमला कर दिया। आरोपी ने दोनों के सिर, चेहरे, कनपटी सहित शरीर के कई हिस्सों में ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को उपचार के लिए डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान अगले दिन जयमनी मंडावी की मृत्यु हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल बोड़ंकू मंडावी के सिर में दस टांके लगाए गए। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और वह स्वस्थ हो गया।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपी नीलू मंडावी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) और 109 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत किया। करीब डेढ़ वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
इसके बाद न्यायालय ने अगस्त 2026 में अपना फैसला सुनाते हुए हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा हत्या के प्रयास के अपराध में सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में आरोपी पर 100-100 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।