बीजापुर। आजादी के 80 वर्षों बाद बीजापुर जिले के ग्राम पंचायत बेदरे के अंतर्गत आने वाले अंदरूनी गांव तुमीरगुंडा एवं केरपे में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शान से लहराया। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने दोनों गांवों में ध्वजारोहण कर ग्रामीणों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। कभी जिन इलाकों में तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं थी, आज उन्हीं गांवों में पूरे गर्व और सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज लहराता नजर आया।
इस अवसर पर महेश गागड़ा ने कहा कि तुमीरगुंडा और केरपे में तिरंगे का फहराना केवल एक राष्ट्रीय पर्व का आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, लोकतंत्र और विश्वास की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के भय से मुक्त होते बस्तर में अब विकास और खुशहाली की नई सुबह दिखाई दे रही है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। रस्साकशी, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं गांव के वरिष्ठजनों को शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष दायशंकर पटेल, वरिष्ठ नेता लव कुमार रायडू, भाजपा नेता कुंवार सिंह माझी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष जितेन्द्र लेकाम, भाजयुमो जिला प्रभारी विनय राजू सहित सरपंच, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। तुमीरगुंडा और केरपे की धरती पर लहराता तिरंगा क्षेत्र में बदलते हालात और ग्रामीणों के बढ़ते विश्वास का संदेश देता नजर आया। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण राष्ट्रीय पर्वों से दूर रहे इन इलाकों में अब खुले तौर पर तिरंगा फहराया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।