नारायणपुर। अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और पहुंचविहीन इलाकों में जहां सामान्य परिस्थितियों में आवागमन भी बड़ी चुनौती है, वहीं नारायणपुर पुलिस के डीआरजी जवानों ने मानवीय संवेदना और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। ग्राम कुड़मेल में एक गर्भवती महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत की सूचना मिलने पर डीआरजी जवान बिना देर किए मदद के लिए रवाना हुए।
दुर्गम रास्तों, पथरीले मार्गों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जवानों ने महिला को बाइक के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ओरछा पहुंचाया। अस्पताल में महिला को भर्ती कर आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला को जरूरी स्वास्थ्य सुविधा मिल सकी।
नारायणपुर पुलिस के अधिकारियों ने डीआरजी जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में पुलिस की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। आपात परिस्थितियों में ग्रामीणों की सहायता करना और उनके जीवन की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस ने कहा कि गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने की यह पहल ‘सुरक्षा के साथ संवेदना भी’ के संकल्प को दर्शाती है। ऐसे प्रयासों से अबूझमाड़ के ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसा मजबूत हो रहा है।
नारायणपुर पुलिस का कहना है कि अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक सुरक्षा, सहयोग और मानवीय संवेदना पहुंचाना उसका संकल्प है। कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस जवान ग्रामीणों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
