वनरक्षक पर डेढ़ करोड़ की ठगी के आरोप, महिला आयोग ने संपत्ति जांच और एफआईआर के दिए निर्देश

जगदलपुर, 1 जुलाई । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में सुकमा में आयोजित जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हुई। आयोग की प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी एवं ओजस्वी मंडावी भी मौजूद रहीं।

सुनवाई के दौरान सबसे चर्चित मामले में एक महिला ने कांगेर घाटी में पदस्थ एक वनरक्षक सहित अन्य पर झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर करीब सात वर्षों में डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसकी रकम से जमीन खरीदी, मकान बनाया और अन्य संपत्तियां अर्जित कीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने अपर कलेक्टर (एडीएम) जगदलपुर को आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच एवं मूल्यांकन करने तथा वन विभाग से संपत्ति संबंधी अभिलेख मंगाकर एक माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक जगदलपुर को धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर एफआईआर दर्ज करने तथा जांच रिपोर्ट आयोग को भेजने की अनुशंसा की गई है।

इसी जनसुनवाई में एक अन्य मामले में आयोग के समक्ष आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले सात वर्षों से युवती का शारीरिक शोषण करता रहा और नाबालिग अवस्था में उसका गर्भपात भी कराया। आयोग द्वारा बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की बात कहे जाने पर आरोपी ने युवती से विवाह करने की सहमति जताई। आयोग ने 2 जुलाई को विवाह कराने की जिम्मेदारी आरोपी के परिजनों को सौंपी है। यदि विवाह नहीं होता है तो आरोपी के विरुद्ध बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की अनुशंसा की जाएगी।

जनसुनवाई में विभागीय शिकायत, अनुकंपा नियुक्ति, भूमि विवाद, सेवा संबंधी प्रकरण तथा रेरा से जुड़े मामलों की भी सुनवाई की गई। कई मामलों में पक्षकारों को संबंधित विभाग अथवा न्यायालय से उचित कार्रवाई करने की सलाह दी गई, जबकि कुछ मामलों का निराकरण कर उन्हें नस्तीबद्ध कर दिया गया।

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