नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत आईटीआई रामकृष्ण आश्रम नारायणपुर में विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ Click to teach Gmail this conversation is important

नारायणपुर, 20 जून 2026। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित नशा मुक्त भारत सप्ताह के अवसर पर आईटीआई रामकृष्ण आश्रम नारायणपुर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का आयोजन 19 जून 2026 को संस्थान परिसर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नशामुक्ति के महत्व पर परिचर्चा के साथ हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को प्रभावित करता है। नशीले पदार्थों के सेवन से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि उसका परिवार और समाज भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।
संस्थान के प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जागरूकता, आत्मसंयम और सकारात्मक जीवनशैली ही नशे से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। शपथ में उन्होंने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे, नशे के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के विकास में योगदान देंगे। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ शपथ को दोहराते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना तथा समाज में जागरूकता का वातावरण तैयार करना है। शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। उन्हें खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें।
नशा मुक्त भारत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लेकर नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *