बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार – 33 नक्सलियों ने किया सरेंडर

11 करोड़ का सोना समेत 14 करोड़ का डंप बरामद

बस्तर – आज ‘पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के अंतिम दिन बस्तर के चार जिलों में कुल 33 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता त्यागकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। इस बड़े सामूहिक आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सल संगठन की सैन्य क्षमता को भारी झटका लगा है।जिला-वार विवरण इस प्रकार है बीजापुर जिले में 25 कैडरों ने सरेंडर किया और उनके पास से 93 हथियार बरामद हुए, जिनमें 4 AK-47 और 9 SLR राइफलें शामिल हैं। साथ ही 14.06 करोड़ की बड़ी डंप रिकवरी हुई, जिसमें नकद 2.90 करोड़ और 7.2 किलोग्राम सोना शामिल है।जिसकी क़ीमत करीब 11 करोड़ हैँ
दन्तेवाड़ा जिले में 5 माओवादी कैडर जिनमें 4 महिलाएं शामिल हैं ने आत्मसमर्पण किया। ये सभी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े थे और इन पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके सूचना पर सुरक्षा बलों ने 40 घातक हथियार बरामद किए, जिनमें 8 SLR, 3 INSAS और 5 BGL लॉन्चर शामिल हैं।
सुकमा जिले में 2 महिला माओवादी कैडरों (16 लाख के इनामी) ने सरेंडर किया और उनके पास से 1 LMG, 2 AK-47 तथा ₹10 लाख नकद राशि बरामद हुई।
नारायणपुर में 1 कैडर ने 1 LMG के साथ आत्मसमर्पण किया, जबकि कांकेर में PPCM शंकर और PM हिडमा डोडी ने AK-47 लेकर पुलिस के सामने सरेंडर किया।
इस पूरे अभियान में सुरक्षा बलों ने विभिन्न डंपों से सैकड़ों हथियार और करोड़ों रुपये की संपत्ति बरामद की है। वर्ष 2024 से अब तक केवल दन्तेवाड़ा जिले में ही 607 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी वरिष्ठ ने शेष बचे नक्सलियों से अपील की है कि वे भी हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपनाएं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की समय-सीमा आज समाप्त हो रही है और अब यह अवसर जल्द ही समाप्त होने वाला है।
यह दिन नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम साबित हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *