बस्तर जिले के ग्राम पंचायत पाहुरबेल में आयोजित पारंपरिक बाली जात्रा कार्यक्रम में बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल की गरिमामयी उपस्थिति रही उनके आगमन पर ग्राम प्रमुखों एवं माता-बहनों द्वारा जगह-जगह आतिशबाजी के साथ भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया पूरे ग्राम में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपनी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया
बाली जात्रा स्थल पहुंचने पर माताओं-बहनों ने बस्तर की समृद्ध लोक परंपराओं के अनुरूप तिलक, आरती एवं पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं इस अवसर पर श्री बघेल ने ग्राम के देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की
श्री बघेल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से है क्षेत्र में जहां-जहां बाली जात्रा जैसे आयोजन होते हैं, वे उसमें शामिल होकर अपनी सहभागिता निभाने का प्रयास करते हैं ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उपस्थित होने से मन को शांति और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है
बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल नें कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित देवी-देवताओं की आराधना और ग्राम संस्कृति आज भी जीवंत है, जो हमारे लिए गर्व का विषय है यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन परंपराओं को संजोकर रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसे सुरक्षित पहुंचाएं
युवाओं को प्रेरित करते हुए श्री बघेल ने कहा कि उन्हें ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए जब युवा अपनी संस्कृति को समझेंगे और उससे जुड़ेंगे, तभी वे इसे आगे बढ़ा पाएंगे उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही हमारी सांस्कृतिक धरोहर मजबूत होगी और भविष्य की पीढ़ियों को इसे समझने और अपनाने में आसानी होगी
इस दौरान मौजूद रहे विधायक प्रतिनिधि श्री गोपाल कश्यप,सरपंच जितेंदरी बघेल,उप सरपंच ज्योति बघेल, पटेल बलिराम बघेल, लक्ष्मण बघेल,कोटवार चंपा बाई, राम चंद्राकर, लछन कश्यप, रैनु नाग,बुधचंद नाग, हीरासिंह बघेल, सोनूराम बघेल पीलू पुजारी, घासी पुजारी, तुलसीराम ठाकुर, राजेश कुमार, जितेंद्र तिवारी, हरदास बघेल,रघु पुजारी तुलाराम कश्यप, भगवान कश्यप,समस्त ग्रामवासी माता बहनें, एवं समस्त कार्यकर्त्तागण उपस्थित रहे