अब सुदूर वनांचल के बच्चे भी बनेंगे ‘टेक-स्मार्ट

सुकमा 15 फरवरी  . जिला प्रशासन सुकमा द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। अब जिले के पोटाकेबिन (आवासीय विद्यालयों) में पढ़ने वाले बच्चे भी बड़े शहरों की तर्ज पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा हासिल करेंगे।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए सुकमा के लाइवलीहुड कॉलेज में पोटाकेबिन के शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला (Workshop) का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को AI के आधुनिक टूल्स और तकनीकों से लैस करना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने पोटाकेबिन स्कूलों में जाकर बच्चों को AI की बारीकियां सिखाएंगे।
इस पहल से सुदूर इलाकों के बच्चे भी तकनीक के मामले में शहरी बच्चों के बराबर खड़े हो सकेंगे।AI की जानकारी से बच्चों की तार्किक क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीक का यह प्रवेश शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति माना जा रहा है।
AI प्रशिक्षक लाइवलीहुड वेनिक सेरो ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि सुकमा के अंदरूनी इलाकों में रहने वाले बच्चों को भी वही अवसर मिलें जो बड़े शहरों के बच्चों को मिलते हैं। AI की शिक्षा से ये बच्चे आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे।
पोटाकेबिन स्कूलों में अब केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता पर भी जोर दिया जा रहा है। AI के माध्यम से कठिन विषयों को आसानी से समझने और नए प्रोजेक्ट्स बनाने में बच्चों को मदद मिलेगी।

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