महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानों का खुलने से भाजपा सरकार की गोडसेवादी सोच उजागर –राजेंद्र पटवा

जगदलपुर. बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के व्यापार प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष राजेंद्र पटवा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बस्तर सहित प्रदेश की समस्त शराब दुकानों को खोले जाने पर कड़ा विरोध कर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकान के खुलने भाजपा सरकार की गोडसेवादी सोच उजागर हुई है महात्मा गांधी का विरोध करते करते अब भाजपा सरकार शराब की कट्टर समर्थक बन चुकी है महात्मा गांधी जी की जयंती, पुण्यतिथि या अन्य विभूतियों एवं विशेष धार्मिक, सामाजिक अवसरों पर शराब बिक्री पूर्णतःबंद रखने की परंपरा रही है और इस दिन शुष्क दिवस के रूप में घोषित किया जाता है पुण्यतिथि पर शराब दुकानों का खुलना यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि महात्मा गांधी के आदर्शों का भी अपमान है।भाजपा के नेताओं का फोकस सिर्फ कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार में है और इसी शराब की काली कमाई के मोह व कमीशनखोरी में लिप्त भाजपा सरकार ने गांधी जी की पुण्यतिथि पर शराब बिक्री करवा कर गांधी जी के सिद्धांतों का अपमान किया है जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है

राजेंद्र पटवा ने आगे कहा हर वर्ष 30 जनवरी को देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब की दुकानों को बंद रखा जाता था लेकिन इस बार प्रशासन और भाजपा सरकार ने शराब दुकानों को खुला रखा है.आजादी के 77 वर्षों में पहली बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुण्यतिथि के दिन शराब बेची जा रही है।इसका कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है.छत्तीसगढ़ प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया जा रहा है.उनकी जन्म जयंती और पुण्यतिथि पर हमेशा सरकार उनके सम्मान में शराब की दुकानों और मांस मदिरा दुकानों को बंद रखा जाता है लेकिन भाजपा सरकार का शराब दुकानों को खुलवाना छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास का काला अध्याय है आज बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शराब की दुकान खुली हुई है क्योंकि ईनकी विचारधारा व सोच ही गोडसेवादी है,हम महात्मा गांधी जी को मानने वाले लोग हैं और भाजपा सरकार यदि महात्मा गांधी के साथ होती तो शराब दुकानें बंद रहती लेकिन भाजपा सरकार शराब दुकानें खुलवाकर गोडसे को सम्मान दे रही हैं।शुष्क दिवस पर शराब बिक्री सरकार की नीतियों को दर्शाती है,जो निंदनीय है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *