सुकमा, 05 फरवरी . छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने लाल आतंक के प्रतीकों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दशकों से नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले गोगुंडा पहाड़ पर सुरक्षाबलों ने न केवल अपना नियंत्रण स्थापित किया है, बल्कि वहां स्थित कुख्यात नक्सली कमांडर और सीसी मेंबर रमन्ना के 20 फीट ऊंचे विशाल स्मारक को भी जमींदोज कर दिया है।
गोगुंडा का पहाड़ी इलाका पिछले करीब 40 वर्षों से नक्सलियों के कब्जे में था, जिसे वे अपना ‘बेस’ मानते थे। हाल ही में सीआरपीएफ (CRPF) 74वीं बटालियन के कैंप की स्थापना के बाद इस इलाके में नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई और दशकों बाद यह क्षेत्र उनके प्रभाव से मुक्त हो सका।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता
इस स्मारक को ध्वस्त करने की कार्रवाई सीआरपीएफ 74वीं बटालियन और कोबरा (CoBRA) 201 बटालियन द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान की गई। जवानों ने रणनीतिक रूप से आगे बढ़ते हुए स्मारक को पूरी तरह नष्ट कर दिया।नक्सलियों का टॉप कमांडर और सेंट्रल कमेटी (CC) मेंबर रहा रमन्ना कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। साल 2020 में हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। उसकी याद में नक्सलियों ने गोगुंडा पहाड़ पर यह भव्य स्मारक बनाया था, जो उनके प्रभाव का प्रतीक माना जाता था।
बस्तर में सुरक्षाबल अब केवल नक्सलियों से लोहा ही नहीं ले रहे, बल्कि उनके द्वारा स्थापित किए गए भ्रामक प्रतीकों और स्मृतियों को भी मिटा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के स्मारकों को ध्वस्त करना यह संदेश देता है कि अब सुकमा के अंदरूनी इलाकों में भी कानून का राज है।