नारायणपुर, 14 जुलाई . जिले में किसानों की आय बढ़ाने एवं कृषि के विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन एवं छत्तीसगढ़ राज्य औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री जे.एस.सी. राव ने सोमवार को कोहकामेटा, बासिंग, गुमियाबेड़ा एवं करलखा गांवों का भ्रमण कर किसानों की कृषि भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए पारंपरिक खेती के साथ औषधीय एवं फलदार पौधों की खेती अपनाने पर बल दिया तथा इसके आर्थिक लाभों की जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने कोहकामेटा के डोंडरीपारा निवासी किसान नेंडाराम के खेत का निरीक्षण किया। लगभग दो एकड़ भूमि में फेंसिंग का कार्य पूर्ण होने पर सतावरी एवं ब्राह्मी जैसे औषधीय पौधों की खेती की शुरुआत की गई । उन्होंने कहा कि औषधीय फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए इनकी खेती किसानों के लिए आय का बेहतर माध्यम बन सकती है।
इसके पश्चात अधिकारियों ने बासिंग गांव में समूह द्वारा की जा रही हल्दी एवं मक्का की खेती का अवलोकन किया। इस अवसर पर किसानों को कृषि विविधीकरण अपनाने तथा पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय पौधों की खेती को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
गुमियाबेड़ा गांव में किसान बारतु कुंजाम के खेत का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने आम के पौधों के मध्य लेमनग्रास की अंतरवर्तीय खेती करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि इस पद्धति से भूमि का अधिकतम उपयोग संभव होने के साथ किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होगा।
इसके बाद करलखा गांव में किसानों की कृषि भूमि का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा करते हुए स्थानीय जलवायु एवं भूमि की परिस्थितियों के अनुरूप औषधीय पौधों की खेती अपनाने तथा वैज्ञानिक पद्धतियों से कृषि करने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संबंधित विभागों को किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ. वेंकेटेशा एम.जी., उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री रितेश देहारी, कृषि विभाग के श्री लोकनाथ भोयर तथा वन एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।