राधिका खेड़ा ने छोड़ी कांग्रेस

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रायपुर, 06 मई।  कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया है। कांग्रेस के प्रादेशिक मुख्यालय राजीव भवन में हुए कथित विवाद के बाद लगातार चर्चाओं में रही राधिका खेड़ा ने दिए इस्तीफ़े में पूरे मामले को अयोध्या राम मंदिर दर्शन से जोड़ दिया है।एक्स पर पोस्ट इस्तीफ़े में न केवल राम मंदिर दर्शन की बात है बल्कि एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है जिसमें राधिका खेड़ा परिजनों के साथ अयोध्या स्थित राम मंदिर के बाहर खड़ी दिख रही हैं।

कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया सेल की सदस्य राधिका खेड़ा का इस्तीफ़ा तीन पन्नों का है। इस इस्तीफ़े को अयोध्या राम मंदिर दर्शन और हिंदुत्व से जोड़ते हुए राधिका खेड़ा ने लिखा है -“हर हिंदु के लिए प्रभु श्री राम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है,और राम लल्ला के दर्शन मात्र से जहां हर हिंदु अपना जीवन सफल मानता है, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज़्यादा दिए, जहां NSUI से लेकर AICC के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया, आज वहाँ ऐसे ही तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ा है,’क्योंकि मैं अयोध्या में राम लल्ला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई।’ मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर पर पहुँच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझे न्याय देने से इंकार कर दिया गया।”
राधिका खेड़ा के इस पत्र में हिरण्यकश्यप से लेकर कंस के ज़िक्र के साथ शुरुआत है तो पत्र के आख़िरी में खुद को राम भक्त बताने के साथ साथ प्रियंका गांधी के नारे ‘लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ’ का ज़िक्र है। पत्र की शुरुआत में लिखा गया है -“आदिकाल से ये स्थापित सत्य है कि धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता रहा है।हिरण्यकश्यप से लेकर रावण और कंस तक इसका उदाहरण है। वर्तमान में प्रभु श्री राम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह विरोध कर रहे हैं।” जबकि अंत में लिखा गया है -“प्रभु श्री राम की भक्त व एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूँ। बार बार पार्टी के समस्त शीर्ष नेताओंको अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला, इससे आहत होकर मैंने आज यह कदम उठाया है।हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ और वही अब मैं कर रही हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

30 अप्रैल को जबकि कथित रुप से कांग्रेस के प्रादेशिक कार्यालय में विवाद हुआ, जिसका ‘एक्स’ पर पोस्ट के ज़रिए संकेतों में उल्लेख राधिका खेड़ा ने किया। 1 मई को रहस्यमय तरीक़े से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक महिला को रोते हुए देखा गया जो यह कह रही थी कि- “चालीस साल की मेरी अब तक उम्र में अपमान नहीं हुआ मैं कांग्रेस छोड़ दूँगी।” यह वीडियो इस रुप में प्रस्तुत हुआ कि यह माना जाए कि वह राधिका खेड़ा हैं। लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।एक्स पर ही एक मई और दो मई को संकेतों में राधिका खेड़ा ने पोस्ट किया जिससे यह ध्वनित होता था कि, वे राजीव भवन वाले कथित विवाद पर क्षुब्ध हैं। तीस अप्रैल जिस दिन कोई कथित विवाद हुआ उस दिन देर शाम से लेकर दो मई तक बीजेपी छत्तीसगढ़ के नेताओं ने इसे लेकर कांग्रेस की जमकर लानत मलामत की। राधिका खेड़ा को सुरक्षा देने का दावा भी कर दिया। बयान सीएम साय का भी आया जिसमें उन्होंने इस मसले को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। तीस अप्रैल की देर शाम से ही यह खबरें तैर रही थीं कि, राधिका खेड़ा इस्तीफ़ा देकर बीजेपी प्रवेश करेंगी। यह दावा पहले 1 मई की तारीख़ का था लेकिन यह तारीख़ इस्तीफ़े के रुप में पाँच मई को सही साबित हुई है। इस खबर का बचा हिस्सा जो कि यह दावा लगातार करता रहा ( 1 मई के बाद भी ) कि राधिका खेड़ा बीजेपी प्रवेश करेंगी, वह दावा अब भी हो रहा है। बल्कि अब उस दावे ने और ज़ोर पकड़ लिया है।

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