NEET 2023 में 720 अंक में से 678 लाकर भारत के टॉप 1800 स्टूडेंट में स्थान प्राप्त किया बस्तर के बी गीतांश मूर्ती ने

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करीम
जगदलपुर, 16  जून।  बस्तर के रहने वाले बी गीतांश मूर्ती ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल परिक्षा NEET 2023 में 720 अंक में से 678 लाकर भारत के टॉप 1800 स्टूडेंट की सूची में 1784 रैंक हासिल किया, जनरल केटेगरी में गीतांश ने आल इंडिया रैंक 1096 प्राप्त किया एवं एम्स जैसे भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेजों में प्रवेश की पात्रता हासिल की, इस परीक्षा में पूरे देश के लगभग 21 लाख स्टूडेंट ने भाग लिया था ,अपने प्रथम प्रयास में गीतांश ने फिजिक्स, केमेस्ट्री ,बायोलॉजी विषयो में 99.91 परसेंटाइल के साथ आल इंडिया रैंक 1784 हासिल किया ,जगदलपुर में 8th तक स्थानीय दीप्ति कान्वेंट स्कूल में शिक्षा हासिल करने के बाद गीतांश आगे की पढ़ाई के लिए विशाखापटनम आंध्र प्रदेश व कोटा राजेस्थान में अध्य्यन किया साथ ही कोटा से neet परीक्षा की कोचिंग प्राप्त किया।

2 साल की कड़ी मेहनत के बाद देश की सर्वश्रेष्ठ परीक्षाओं में से एक Neet 2023 में सफलता प्राप्त किया ,गीतांश के पिता डॉ बी प्रकाश मूर्ती यूनानी चिकित्सा अधिकारी के पद पर शासकीय यूनानी औषधालय जगदलपुर में पदस्थ है गीतांश की माता श्रीमती बी मीना मूर्ती ने बताया कि इस तरह की बड़ी परीक्षाओं में बच्चों पर बहुत दबाव होता है बच्चों पर मानसिक दबाव कैसे कम किया जाये इसकी पूरी कोशिश माता पिता व परिवार बाकी सदस्यों को करनी चाहिए अपने परिवार को छोड़कर मैंने आखरी 8 महीने कोटा में छोटे से फ्लैट में अपने बच्चे के साथ रहकर उसके संघर्ष में सहयोग किया जिसकी मेहनत का परिणाम आज सामने है,गीतांश के पिता डॉ मूर्ती ने कहा 21 लाख बच्चों में टॉप जगह पाना आसान नही, बहुत हाई लेवल का कॉम्पिटिशन बच्चे फेस कर रहे है ,बस्तर जैसे छोटे स्थान से यदि कोई प्रतिभा किसी भी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर निकलती है तो ये बडी बात है,इससे स्थानीय बच्चों और उनके माता पिता को प्रेरणा मिलती है और बच्चे बड़े संघर्ष के लिए तैयार होते हैं,Neet की पढ़ाई के लिए क्या रणनीति बच्चों को अपनाना चाहिए के सवाल पर गीतांश ने बताया कि स्टूडेंट्स जितने जल्दी स्कूल लेवल पर ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर लें उतना उसको पाने के लिए रणनीति बनाना आसान होता है, परीक्षा का लेवल बहुत टफ है ,इसलिए प्रोफेशनली इसकी तैयारी करने से समय और ऊर्जा की बचत होती है ,स्टूडेंट यदि ठान ले तो कोई लक्ष्य मुश्किल नही, बस मेहनत करने से न घबरायें ,अपनी गलतियों का एनालिसिस करें ,गलती करें लेकिन एक बार हो चुकी गलती दुबारा न दोहराएँ ,गीतांश आश्यकता पडने पर जब तक वो जगदलपुर में है इस तरह की परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंटस को निःशुल्क अपनी सलाह देने को तैयार हैं ,गीतांशअपनी इस सफलता पर अपने शिक्षकों अपने स्कूल व कोंचिंग संस्थान के साथ साथ अपने दादा- दादी ,नानी ,मम्मी -पापा और बडे भाई बी आयुष मूर्ती के सहयोग को बहुत महत्वपूर्ण मानते है और ईश्वर को और सभी बड़े बुजुर्गों को धन्यवाद देते है ,गीतांश की उपलब्धि पर उनके परिजनों ,मित्रों ,शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की.

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