अपने हाथों में रखकर मुख्यमंत्री ने चलाया भौंरा

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करीम
छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रचे बसे उनके बचपन की झलक आज इस कुशलता में दिख रही है। हरेली तिहार के मौके पर परंपरागत खेलों का भी सुंदर आयोजन होता आया है। अपने पोते को भी साथ लेकर पहुंचे हैं मुख्यमंत्री। आने वाली पीढ़ी भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़े, यह मुख्यमंत्री का प्रयास.

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