बादल अकादमी आसना में परम्परागत ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अमूस तिहार

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करीम

कमिश्नर और कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों,गायता-पुजारी एवं गणमान्य नागरिकों ने हल-कृषि यंत्रों की पारंपरिक रूप से की पूजा-अर्चना

जगदलपुर,22 जुलाई  आसना स्थित बादल अकादमी में शनिवार को बस्तर की लोक पर्व अमूस तिहार प्रतीकात्मक ढंग से परम्परा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर कमिश्नर बस्तर संभाग श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. सहित सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर श्री हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न समाज प्रमुखों और गायता-पुजारी एवं गणमान्य नागरिकों ने हल-कृषि यंत्रों की पारम्परिक रूप से पूजा-अर्चना की। वहीं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के प्रतीकात्मक रथ का अनावरण किया गया। इस मौके पर युवाओं तथा उपस्थित लोगों ने गेड़ी दौड़, हंडी दौड़, नारियल फेंक, निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान समाज प्रमुखों एवं अधिकारियों ने कब्बडी खेलकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर श्री श्याम धावड़े ने उपस्थित सभी लोगों को अमूस तिहार की बधाई देते हुए कहा कि बादल संस्था बस्तर की संस्कृति और परम्परा,विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन सहित उसे जीवन्त रखने में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है। यहां पर खेती-किसानी और जल-जंगल और जमीन से जुड़े इस तिहार को हम सभी मिलकर मना रहे हैं यह गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति, परम्परा, रीति-रिवाज, विरासत को सहेजने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है, इस ओर बादल अकादमी निरन्तर आगे बढ़कर पहल कर रही है। वहीं उन्होंने बादल संस्था को ड्रीम प्रोजेक्ट निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप बस्तर संभाग के सभी जिलों के समाज प्रमुखों को बादल संस्था से जोड़ने सहित सभी समाज प्रमुखों की सहभागिता पर बल दिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अमूस तिहार की बधाई देते हुए कहा कि हमारे तीज-त्यौहार हम सभी को अपनी संस्कृति, परम्परा, रीति-रिवाज को सहेजने के लिए एक अलग सन्देश देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज प्रमुखों से रूबरू होकर चर्चा करने से बस्तर की लोक संस्कृति, परम्परायें, विरासत को जानने-समझने का बेहतर मौका मिलता है। कलेक्टर श्री विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुसार लोक संस्कृति और परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में लगातार कोशिश की जा रही है। बादल अकादमी की भूमिका इस ओर ज्यादा से ज्यादा हो, बादल अकादमी बादल को पार करेगी ऐसा प्रयास किया जायेगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने भी अपने विचार साझा कर अमूस तिहार की बधाई दी। इस मौके पर लामकेर के गेड़ी नर्तक दल ने मनोहारी गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं गेड़ी दौड़, हंडी दौड़, निबन्ध एवं चित्रकला स्पर्धा के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।वहीं अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे। अंत में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री संजय चन्देल ने आभार व्यक्त किया।

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