मंदिर अगले आदेश तक बंद है।
जगदलपुर / शनिवार की सुबह बस्तर की अधिष्ठात्री देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी हो गई । पुलिस जांच में जुटी है। प्रथम दृष्टया जांच में नजर आ रहा है कि चोरों ने मंदिर के पीछे का दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश कर वहां रखे आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया ।
शहर के बीच स्थत यह मंदिर एतिहासिक महत्व भी रखता है । इतिहासकार रूद्रनारायण के मुताबिक इसकी स्थापना महाराजा दलपत देव ने 1891 में की थी। चोरी की इस घटना को लेकर पूरा शहर सकते में।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज पुलिस खंगाल रही है। फिलहाल आम नागरिकों का अगले आदेश तक मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रतिदिन यहां सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी मनोकामना लेकर आते हैं ।
बस्तर के मंदिरों में चोरी पूर्व में भी हुई है।
पहले 2011 में भी दंतेवाड़ा मंदिर में चारी हई थी।
2014 में दंतेवाड़ा स्थित मंदिर से दान पेटी चुरा ली गई थी।
उस वक्त मंदिर की बत्तियां बंद थी। अंधेरे का फायदा उठाते अज्ञात चोरों ने दान पेटी चुरा ली और रुपए निकालने के बाद दान पेटी को नदी किनारे छोड़कर भाग गए। हालांकि महामंडप में लगाए गए सीसी टीवी कैमरे में चोरों की गतिविधियां कैद हो गई। उस दौरान कलश भवन के सम्मुख गेट का ताला इसी तरह तोड़कर चोरों ने भीतर प्रवेश किया था।
2016 में दंतेवाड़ा के जिला मुख्यालय में नदी पार स्थित भैरम बाबा मंदिर और नदी तट पर स्थित अन्य मंदिर से भैरव देव (नटराज) की दो प्रतिमाओं को अज्ञात चोरों ने पार कर दिया। पुरातत्व महत्व की प्रतिमा चोरी की जानकारी अगले दिन सुबह पुजारी के मंदिर पहुंचने पर हुई । मंदिर दंतेवाड़ा के मां दंतेश्वरी मंदिर के पीछे डंकनी नदी के पार स्थित भैरम मंदिर में स्थापित मूल प्रतिमा के साथ रखे नट भैरव की प्रतिमा चुरा ली गई थी।