क्या बस्तर फूड पार्क का अस्तित्व मिट जाएगा?

जिला पंचायत सीईओ ने कहा निविदाओं में लोग हिस्सा नहीं लेने से काम में प्रगति नहीं

जगदलपुर / बस्तर का फूड प्रोसेसिंग यूनिट जिसमें 40 से अधिक बस्तर के उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग होने की बात 2022 में की गई थी । तत्कालीन केन्द्रिय मंत्री अर्जन मुंडा इसके उद्घाटन कार्यक्रम में आए थे। आज उस पार्क पर ग्रहण लग गया है । करोड़ों की मशीने लगभग 10 एकड़ की जमीन पर बेकार पड़ी हैं ।

उस पर जंग लगना स्वाभाविक है। ट्राईफेड के सहयोग से 11 करोड़ की लागत में उस वक्त इसकी स्थापना होने की बात कही गई थी।

तत्कालीन केन्द्रिय मंत्री  अर्जन मुंडा

साथ ही बस्तर के युवाओं को रोजगार और अंतराष्ट्रीय बाजार में स्थानीय उत्पादों की बिक्री और न जाने क्या क्या? क्या यह महज कल्पना थी ? कहा गया था कि अब बस्तर का उत्पाद विदेशों में भी जा सकेगा।
वर्तमान स्थिति में यह है हाल
2026 में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने कहा कि इसके लिए लोगों द्वारा निविदाओं में हिस्सा नहीं ले सकने के कारण इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। वे बस्तर कलेक्टर आकाश छिकार की प्रेसवार्ता में मौजूद थे । फूड पार्क को लेकर पूछे गए सवाल पर जैन ने यह बात कही ।

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