बेटे ने मारी थी तीर
सुकमा / जिले में एक बेटे ने अपने पिता पर तीर चला दिया । गंभीर रूप से घायल पिता का इलाज कर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने जीवन दान दिया । घरेलू विवाद के दौरान बेटे ने अपने पिता पर दो तीर चला दिए, जिससे एक तीर जांघ में और दूसरा कलाई के पास धंस गया। घायल को सुकमा अस्पताल से जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज मेकाज रेफर किया गया।
तत्परता से शुरू हुआ उपचार रात्रि लगभग 2 बजे मेकाज में आर्थाेपेडिक्स विभाग की टीम ने तत्परता से उपचार शुरू किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. आदित्य कौशिक ने विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीत पाल के मार्गदर्शन में जटिल शल्य प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। चिकित्सकीय जांच में रोगी हेमोडायनामिक रूप से अस्थिर नहीं था ।
इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गुलाब सिंह काशी ने कुशलता से क्षेत्रीय एनेस्थीसिया प्रदान किया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हुई। चिकित्सकों के अनुसार, नसों के समीप ऐसी चोटें अत्यंत घातक हो सकती हैं। रोगी की स्थिति स्थिर है और हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रहने की उम्मीद है।