योजनाओं के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास पर दिया जाए जोर- अनंत नायक

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करीम

जगदलपुर, 19 अप्रैल  राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य  अनंत नायक द्वारा जिले में अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं विकास के लिए संचालित की जा रही योजनाओं की समीक्षा जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में किया गया। श्री नायक ने इस अवसर पर कहा कि जनजाति समुदाय को उनके पारंपरिक सांस्कृतिक व्यवहारों तथा मूल स्वभाव को बनाए रखते हुए उनके विकास के संबंध में आवश्यक प्रयास करने की आवश्यकता है। शासन-प्रशासन की योजनाओं के माध्यम से उनके सामाजिक-आर्थिक विकास किया जाना है। साथ ही सामुदायिक भावना को बढ़ावा देते हुए उनके हितों की रक्षा की जानी है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चंदन कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रकाश सर्वे, जनजाति कल्याण विभाग के श्री आर.के दुबे, श्री पीके दास, अपर संचालक श्री जितेन्द्र गुप्ता सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जनजाति आयोग के सदस्य श्री नायक ने जिले में जनजातियों के कल्याण हेतु किए जा रहे कार्यों में सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र, वनाधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, पंचायती राज संस्थानों में जनजातियों का प्रतिनिधित्व, जनजाति समूहों को विभिन्न व्यवसायों में शामिल करने तथा जनजाति महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा की जा रही कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवारों को दिए गए आवास, जनजातियों की  साक्षरता, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम छात्रावास की स्थिति-छात्रवृत्ति योजना, जनजाति वर्ग द्वारा की जाने वाली खेती-फसल और शासन द्वारा प्रदत्त योजनाओं के संबंध में चर्चा की गई।
इसके अलावा आर्थिक संसाधन के तहत जनजाति समुदाय द्वारा लघु वनोपज संग्रह, शिक्षित बेरोजगारों, जनजाति वित्तीय विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं, जनजातियों बहुल निवास क्षेत्रों में आधोसंरचना विकास, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, राशन कार्ड और राशन सामाग्री की वितरण की स्थिति, अत्याचार निवारण अधिनियम के अधीन प्रकरण, जनजाति क्षेत्र योजना और विशेष केन्द्रीय सहायता योजना, बाल मजदूर को रोकने के प्रयास, आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित योजनाएं के साथ-साथ मोबाईल कनेक्टेविटी संबंध में चर्चा किया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा संचालित जनजाति संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए संचालित बादल अकादमी के संबंध में भी श्री नायक द्वारा चर्चा की गई।
बैठक में आयोग के सदस्य श्री नायक ने कहा कि जिले में साक्षरता प्रतिशत में महिला व पुरुष के मध्य अंतर को कम करने की आवश्यकता है। साथ ही आदिवासी छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की मांग की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना मद से भूमिहीन कृषकों को स्वरोजगार के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अनुसूचित जनजाति महिलाओं को स्व-सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता देने तथा समूहों द्वारा तैयार की गई उत्पाद की बिक्री बढ़ाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनधन केंद्र की गतिविधियों के संबंध में चर्चा किए।

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