नगरनार इस्पात संयंत्र ने रचा इतिहास

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एस करिमुद्द्दीन

नगरनार (बस्तर) 24 अगस्त । जिसे इस्पात जगत में अभूतपूर्व बताया जा रहा है, नगरनार स्टील प्लांट ने आज हॉट मेटल के उत्पादन के बमुश्किल 9 दिन बाद अपने अंतिम उत्पाद – एचआर कॉइल – का उत्पादन करने की उपलब्धि हासिल की है। स्टील बनाने का कोई पूर्व अनुभव न रखने वाली एक खनन कंपनी की यह उपलब्धि आश्चर्यजनक से कम नहीं है।  कंपनी के कार्यवाहक सीएमडी और निदेशक वित्त  अमिताव मुखर्जी ख़ास इसी क्षण को संभव कराने लिए पिछले 4 दिनों से नगरनार में डेरा डाल दिन रात टीम का मनोबल बढ़ा रहे थे।  राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के सह प्रबंधक निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि   6 दशकों से अधिक समय से हम स्टील क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण लौह अयस्क के आपूर्तिकर्ता के रूप में इस्पात बाजार में हमारी पहचान है। आज हम घरेलू इस्पात बाजार में सबसे नए खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं और बस्तर को इस्पात मानचित्र पर ले आये हैं। आज एनएमडीसी भारतीय इस्पात निर्माताओं की प्रतिष्ठित लीग में शामिल हो गया है। यह उस सपने की पूर्ति है जिसकी बस्तर के स्थानीय समुदाय को लंबे समय से प्रतीक्षा थी। उनके सपने को साकार करने की हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करने में मुझे बहुत खुशी हो रही है।   इधर  महाप्रबंधक  एवं संचार प्रमुख रफिक अहमद ने जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि  स्टील उद्योग के दिग्गजों की माने तो हॉट जोन में तीन महत्वपूर्ण इकाइयों ब्लास्ट फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप और मिल्स (थिन स्लैब कास्टर हॉट स्ट्रिप मिल) – को इतने कम समय में चालू करना एक दुर्लभ उपलब्धि है।  श्री मुखर्जी ने परियोजना को गति देने में मदद करने वाले सभी हितधारकों के ठोस समर्थन की सराहना की, हालांकि हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन हम भाग्यशाली रहे कि हमें केंद्र और राज्य सरकारों और इस्पात मंत्रालय से हर स्तर पर समर्थन मिला है। साथ साथ इस्पात उद्योग, अन्य पब्लिक सेक्टर स्टील इकाइयां, तकनीकी प्रदाता, स्थानीय समुदाय, मीडिया और सभी हितधारक के मजबूत समर्थन के बिना हम अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते।   नगरनार स्टील प्लांट परियोजना के कार्यकारी निदेशक और प्रभारी श्री के प्रवीण कुमार और उनकी टीम की सराहना करते हु श्री मुखर्जी ने कहा, पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण इकाइयों की सुचारू शुरुआत हुई, जिसके परिणामस्वरूप लौह अयस्क से एचआर कॉइल का उत्पादन हुआ। यह श्री के प्रवीण कुमार के नेतृत्व वाली टीम की प्रतिबद्धता और समर्पित कड़ी मेहनत का प्रमाण है, जिन्होंने पेशेवरों के छोटे समूह को एक शक्तिशाली बल में बदल दिया, जिसने समय पर परिणाम दिए ।  3 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता का स्टील प्लांट लगभग रु 24000 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह प्लांट अपने उच्च ग्रेड हॉट रोल्ड स्टील के भंडार के साथ हॉट रोल्ड बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए तैयार है, जो अपनी प्रौद्योगिकी के बल पर कई प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करगा । इसकी ताकत है सबसे आधुनिक मिल । नगरनार स्टील प्लांट का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ नगरनार से बमुश्किल 100 किलोमीटर दूर स्थित बैलाडिला खदानों के साथ लौह अयस्क की आपूर्ति के जुड़ाव से भी से भी जुड़ा है।  नगरनार स्टील प्लांट के उत्पाद मिश्रण में कम कार्बन स्टील, एचएसएलए और डुअल फेज़ स्टील और एपीआई गुणवत्ता वाले स्टील शामिल हैं जिन्हें 1 मिमी से 16 मिमी तक की मोटाई में रोल किया जा सकता है। 1650 मिमी चौड़ा एचआर रोल करने की क्षमता वाला नगरनार स्टील प्लांट का पतला स्लैब ढलाईकार सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे चौड़ा मिल है।  भारत की नवीनतम और सबसे आधुनिक मिल से आने वाले एचआर कॉइल्स, शीट्स और प्लेट्स देश निर्माण में आवश्यक गुणवत्ता वाले एचआर की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे ।

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