नगरनार स्टील प्लांट ब्लास्ट फर्नेस प्रज्वलित बस्तर के इतिहास में एक नये युग का प्रारम्भ

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करीम
जगदलपुर, 12 अगस्त। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर बस्तर स्थित नगरनार स्टील प्लांट में उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। उत्पादन शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बस्तर आ सकते हैं। आज यहां विमान तल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि शनिवार को ब्लास्ट फर्नेस की कमिशनिंग की गई। बस्तर के लोगों के लिए नगरनार उम्मीदों का कारखाना है। इसलिए हर कोई इसमें उत्पादन प्रारंभ होने की प्रतीक्षा कर रहा है। हीटिंग की प्रक्रिया के एक या दो दिन के भीतर हॉट मेटल निकलना शुरु हो जाएगा। ब्लास्ट फर्नेस को मां दंतेश्वरी ब्लास्ट फर्नेस नाम दिया गया है।


उम्मीद की जा रही है कि स्टील प्लांट में विधिवत उत्पादन शुरु करने पीएम नरेंद्र मोदी बस्तर आ सकते हैं। 3 मिलियन टन सालाना उत्पादन क्षमता वाले इस स्टील प्लांट में आगे चलकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी पूरी संभावनाएं बताई जा रही हैं। इंटीगिरेटेड स्टील प्लांट में निर्माण से संबंधित प्रक्रियाएं अब अंतिम चरण में हैं। इधर महाप्रबंधक नगरनार स्पात सयंत्र के रफिक अहमद ने बतया कि आज भारतीय इस्पात उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, निगम के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने नगरनार स्टील प्लांट में भारत के दूसरे सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस को प्रज्वलित किया। इस घमन भट्टी का नाम माँ दंतेश्वरी रखा गया है। नगरनार स्टील प्लांट की इस ब्लास्ट फर्नेस की मात्रा 4506द्व 3 है जो प्रति दिन औसतन 9500 टन हॉट मेटल (गर्म धातु ) का उत्पादन करने की क्षमता रखती है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस इस भ_ी का डिजाइन नीदरलैंड की डेनिएली कोरस बी. वी. ने किया है और इसके निर्माण का ब्यौरा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने उठाया था। इस प्रयास को इस मुकाम तक पहुंचाने में मेकॉन लिमिटेड ने सलाहकार के रूप में योगदान दिया है। एनएसएल ने एनएसएल, मेकॉन की टीम द्वारा किए गए सामूहिक प्रयासों की सराहना की और इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को हासिल करने में सेल, आरआईएनएल, जेएसडब्ल्यू और जेएसपीएल और सभी हितधारकों द्वारा दिए गए समर्थन का आभार व्यक्त किया। श्री रफिक ने बतया कि कोक और अन्य सामग्रियों की उपस्थिति में ब्लास्ट फर्नेस में गर्म धातु का उत्पादन करने के लिए लौह अयस्क को 1000 डिग्री से अधिक उच्च तापमान पर पिघलाया जाता है। ब्लास्ट फर्नेस की आज की ब्लो-इन गतिविधि प्रारंभिक बोझ भरने के बाद की गई जिसमें कोक सिंटर, लौह अयस्क और फ्लक्स शामिल है। ब्लास्ट फर्नेस की पहली टैपिंग अगले 36-40 घंटों में होने की उम्मीद है जब पहिली बार नगरनार स्टील प्लांट से हॉट मेटल बहेगा।

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