हेलीकाप्टर किसान

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करीम
जगदलपुर, 02 जुलाई। बस्तर में सफेद मुसली और काली मिर्च के सबसे बड़े किसान डा. राजाराम त्रिपाठी अब खेतों की देखभाल के लिये हेलीकॉप्टर लेने जा रहें है.डा. राजाराम त्रिपाठी चार बार के सर्वश्रेष्ठ किसान हैं. वे बस्तर के कोंडागावं और जगदलपुर में सफेद मुसली,काली मिर्च और स्ट्रोविया की फसल लेते है.श्री त्रिपाठी का पूरा परिवार खेती बाड़ी करता है.अब छत्तीसगढ़ के किसान डा. राजाराम त्रिपाठी सात करोड़ रुपये में हेलीकाप्टर खरीदने जा रहे हैं.हालैंड की राबिंसन कंपनी से उन्होंने डील भी कर ली हैं.आर-44 माडल का चार सेटर हेलीकाप्टर खेती किसनी के उपयोग में लाया जाता है.विशेष संसाधनों से युक्त यह हेलीकाप्टर ढेड दो साल में बस्तर पहुच जायेगी. संभवत: देश के पहले किसान हैं जो खेती किसानी के लिए हेलिकाप्टर का उपयोग करेंगे।
मध्यप्रदेश के तत्कालिन मुख्यमंत्री अर्जून सिंह के कार्यकाल में श्रीमति गंगा पोटाई कृषि मंत्री थी उस समय कृषकों की समस्याओं को दूर करने के लिए बस्तर में एक हेलिकाप्टर खरीदने की योजना थी जो कुछ कारण वश नहीं हो पाई।
डा. राजाराम त्रिपाठी वर्तमान में 25 करोड़ रुपये वार्षिक टर्न ओवर वाले मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के सीईओ हैं और 400 आदिवासी परिवार के साथ एक हजार एकड़ में सामूहिक खेती कर रहे हैं.यह समूह यूरोपीय और अमेरिकी देशों में काली मिर्च का निर्यात कर रहा है.कोंडागांव के रहने वाले राजाराम त्रिपाठी सफेद मूसली और जैविक खेती के लिए भी जाने जाते हैं.उन्होंने आस्ट्रेलियन टीक के साथ काली मिर्च की खेती के लिए प्राकृतिक ग्रीन हाउस तकनीक भी विकसित की है जिससे 40 वर्षों तक प्रति एकड़ करोड़ों रुपये की आय की जा सकती हैं.कृषि मंत्रालय व भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद की ओर से वे तीन बार देश के सर्वश्रेष्ठ किसान व राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से एक बार सर्वश्रेष्ठ निर्यातक सम्मान से पुरस्कृत हो चुके हैं.राजाराम त्रिपाठी बस्तर के ऐसे पहले किसान बनेगें जिनके पास हेलीकाप्टर होगा।
डॉ राजाराम त्रिपाठी ने बताया कि इंग्लैंड और जर्मनी प्रवास के दौरान उन्होंने देखा कि दवा व खाद के छिड़काव में हेलीकाप्टर का उपयोग हो रहा है.अपने समूह के एक हजार एकड़ के साथ आसपास के खेती वाले जिलों में व इस हेलीकाप्टर का उपयोग करना चाहते है.इसके लिए वह कस्टमाइज हेलीकाप्टर बनवा रहे है, ताकि मशीन भी लगवाई जा सके.श्री त्रिपाठी का कहना है की फसल लेते समय विभन्न प्रकार के कीड़े फसलों को नुकशान पहुचाते हैं.हाथों से दवा छिडकाव से भी कई जगह दवा छुट जाते है जिससे कीटो का प्रकोप बढ़ जाता है. हेलीकाप्टर से दवा छिडकाव से पर्याप्त मात्र में दवा डाला जा सकता हैं. हेलीकाप्टर केवल मेरे खेतों के लिये नही बल्कि आसपास के किसानों के भी काम आ सकेगी.

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