गोबर और वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचकर खरीदी मोटर सायकल

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करीम

जगदलपुर .बुधियारिन बघेल बस्तर के दुबे उमरगांव की रहने वाली हैं। वे अपने पति वीर सिंग और दो बच्चों के साथ रहती हैं। मुख्य रूप से बुधियारिन का परिवार कृषि पर ही निर्भर है। लेकिन बुधियारिन ने इसके इतर अपनी कमाई का जरिया बनाया गोबर और वर्मी खाद को। दरअसल बुधियारिन ने छत्तीसगढ़ शासन की ग्राम सुराजी अंतर्गत गोधन न्याय योजना से जुड़कर गोठान समिति के माध्यम से गोबर बेचना शुरू किया। बुधियारिन ने अभी तक 264.32 क्विंटल गोबर बेचकर कुल 52864 रुपए की कमाई की है। इसके अलावा उन्होंने वर्मी खाद से कुल 6831 रूपये एवं गोठान में संचालित दूसरी गतिविधियों से 3600 रुपए का लाभ कमाया है। आर्थिक रूप से सशक्त होती बुधियारिन की कहानी बस इतनी ही नहीं है। बुधियारिन ने इस पैसे से अपने परिवार के लिए एक मोटरसाइकिल खरीदी है। आत्मविश्वास से भरी बुधियारिन कहती हैं कि इस राशि से मैंने मेरे परिवार के लिए एक मोटर बाइक खरीदी। इससे पहले कहीं जाने के लिए हमें दूसरों से गाड़ी मांगनी पड़ती थी लेकिन अब हमारे पास अपनी बाइक है वो भी अपनी कमाई से। इस योजना के लिए मैं शासन का धन्यवाद करती हूं। बुधियारिन की सफलता से प्रेरित होकर दुबेउमरगाँव की दूसरी महिलाएं भी गौठान समिति से जुड़कर अपने भविष्य को एक नई दिशा दे रही हैं।

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