गौठान की कमाई से महिलाएं हो रही हैं आत्मनिर्भर

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करीम

जगदलपुर, 29 मई  इंद्रावती स्वसहायता समूह की संतमनी बुरंगपाल की रहने वाली हैं। संयुक्त परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से संतमनी को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यही वजह थी कि वे मजदूरी करके अपने पति की मदद करती थीं। कुछ साल पहले संतमनी को इंद्रावती स्वसहायता समूह से जुड़ने का मौका मिला। ये समूह गौठान से जुड़कर विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।
संतमनी ने भी यहां गोबर बेचना शुरू किय। आज संतमनी की स्थिति में सुधार हुआ है उन्होंने गोबर बेचकर अपने लिए सिलाई मशीन खरीदी है। संतमनी कहती हैं कि मजदूरी कर मैं कभी भी सिलाई मशीन नहीं खरीद सकती थी। मैंने सिलाई मशीन खरीदी अब मैं आस-पास के कपड़े भी सिलती हूं और गौठान में भी काम करती हूं। दोनों जगह से मुझे आमदनी होती है। अब मैं मजदूरी नहीं करती हूं। गौठान से जुड़ने के बाद मेरी जिंदगी बदली है। मैं काफी खुश हूं और मुझे गौठान में काम करना पसंद है।

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