एक हिस्सा भारत में तो दूसरा म्यांनमार में

0
165

 खाना म्यांमार में बनाते हैं और भारत में आकर आराम करते हैं

नागालैण्ड/ नागालैण्ड के मोन जिले में एक ऐसा गांव हैं जिसका आधा हिस्सा भारत में हैं और आधा म्यांमार में हैं इस गांव का नाम लौग्वा हैं इस गांव के लोगो को भारत और म्यांमार दोनो देशों की आधी आधी नागरिकता प्राप्त हैं इस गांव में कुछ घर तो ऐसे भी बने हुए हैं जिनका किचन तो म्यांमार में हैं और बेडरूम भारत में, मतलब यह खाना म्यांमार में बनाते हैं और भारत में आकर आराम करते हैं.लंगवा गाँव नागालैंड राज्य में स्थित है, जो भारत के उत्तरपूर्वी क्षेत्र में स्थित है। यह नागालैंड में मोकोकचुंग जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह गांव एओ नागा जनजाति का घर है, जो राज्य की प्रमुख नागा जनजातियों में से एक है।
नागालैंड के कई अन्य गांवों की तरह लंगवा भी अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा के लिए जाना जाता है। गांव के लोग अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, बुनाई और कृषि के लिए जाने जाते हैं। गाँव हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ है और विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों का घर है।
नागालैंड, आमतौर पर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विविध संस्कृति और जीवंत त्योहारों के लिए जाना जाता है। यह राज्य अपनी पारंपरिक पोशाक के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसमें रंगीन शॉल, वास्कट और हेडगियर शामिल हैं। नागालैंड के लोग अपने आतिथ्य और आगंतुकों के प्रति गर्मजोशी के लिए जाने जाते हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here