मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का सम्बोधन आरम्भ .

0
162

करीम

फ्रांस के प्रतिष्ठित सारबोन यूनिवर्सिटी ने आज जो प्रदेश के नवाचरी कार्यों के लिए सम्मानित किया है। मैं इसके लिए आभारी हूँ। . आज मेरा सम्मान हुआ है। मेरा परिवार भी साथ है। सबसे अच्छी बात है कि मेरा पोता भी साथ है। . मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास एक किताब विनोबा जी की है। उसमें उन्होंने लिखा है कि भारत में महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ, रामकृष्ण परमहंस जैसी विभूति रही हैं और उनका योगदान हमारी मनीषा को बनाने में है। . बिना अस्त्र के लड़ाई की कल्पना संभव है क्या, महात्मा गांधी ने इसे साकार किया। . अरोबिंदो के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप निर्लिप्त भाव से कर्म करेंगे तो द्वेष रहित होकर काम करेंगे। . जो लोग नैतिकता को प्रधानता देते हैं। वे धन से दूर होते हैं। श्री माँ ने कहा कि नैतिक लोगों को धन से दूर नहीं होना चाहिए। उनके हाथ में धन होगा तो वे सार्थक उपयोग करेंगे। . हम ऐसे ही समृद्ध प्रदेश से हैं। भौगोलिक रूप से हम समृद्ध है। हमारे पास जंगल है। हिमालय के बाद सबसे अधिक नाले हमारे यहां हैं। . खनिज संसाधन हमारे यहां पर्याप्त है। दुनिया भर में बैटरी गाड़ी की डिमांड हो रही है। हमारे यहां लिथियम है। . आरबीआई के सर्वे के मुताबिक यहां हमारे यहां गरीबी रेखा के नीचे बड़ी आबादी है। उद्योग भी हैं फिर भी गरीबी है। देश के आकांक्षी जिलों में 10 हमारे यहां है जबकि दंतेवाड़ा और कोरबा में प्लांट भी हैं। फिर भी इन जिलों में गरीबी है। . यह सब देखते हुए एक नए समाधान की जरूरत भी है। आवारा पशुओं की समस्या है। इसे हल करने की दिशा में काम करने की जरूरत थी। इन संसाधनों का पर हावी उपयोग जरूरी था और हम सबने इसके लिए नीति बनाई। केवल उद्योग धंधों को बढ़ाने से बात नहीं बनेगी, संसाधनों के बेहतर उपयोग की भी जरूरत है और हमने प्रकृति को सहेजते हुए विकास कार्य करने का निश्चय किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here