बस्तर भाजपा यह स्पष्ट करें वो महात्मा गांधी को मानने वाले हैं या उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को मानने वाले हैं-जावेद खान

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करीम
जगदलपुर , १० जून।  AICC के लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन के बस्तर लोकसभा कोआर्डिनेटर एवं युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बेतुके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बस्तर भाजपा से सवाल पूछा है कि वह स्पष्ट करें कि वह महात्मा गांधी को मानने वाले हैं या महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को मानने वाले हैं,क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के बस्तर संभागीय कार्यालय से मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बस्तर भाजपा के नेताओं के साथ बैठकर प्रेस वार्ता लेते हैं और उस प्रेसवार्ता में वह कहते हैं “गोडसे अगर गांधी का हत्यारा है तो भारत का सपूत भी है” क्योंकि उक्त बात केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बस्तर भाजपा कार्यालय में आहूत प्रेस वार्ता के दौरान बस्तर भाजपा के नेताओं की उपस्थिति में कही है तो यह बात अब बस्तर भाजपा को स्पष्ट करनी चाहिए कि वह गांधी को मानने वाले हैं या नाथूराम गोडसे के पूजक हैं, क्योंकि महात्मा गांधी की विचारधारा और नाथूराम गोडसे की विचारधारा एक दूसरे के पूरक है महात्मा गांधी जीवन भर अहिंसा का पाठ पढ़ाते रहे और वहीं नाथूराम गोडसे हिंसा को अपना हथियार बनाकर अपने साथियों के साथ एक नहीं 5 बार महात्मा गांधी की हत्या करने की कोशिश की जिसमें जून 1934, जुलाई और सितंबर 1944,जून 1946 और 20 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे इनमें से 3 प्रयासों में शामिल था ऐसे में यह कहना कि गोड़से ने महात्मा गांधी की हत्या इसलिए की कि वो देश के विभाजन और पाकिस्तान को भारत की ओर से दिऐ जाने वाले 55 करोड़ के फैसले और गांधी जी का इसमें समर्थन से नाराज़ होकर हत्या की यह पूरी तरह से गलत है क्योंकि 1934,44 और 1946 के समय ना तो देश के विभाजन की कोई बात थी और ना ही 55 करोड़ का कोई मसला था हां नाथूराम गोडसे को डर महात्मा गांधी जी के सत्य और अहिंसा से था जिसके बूते अंग्रेजी हुकूमत भारत छोड़ने विवश हो चुकी थी,

जिन्होंने अपना सारा जीवन देश को अंग्रेजो की गुलामी से आजाद कराने लगा दिया जिन्हें पूरी दुनिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से पुकारती है जिनकी प्रतिमाएं पूरी दुनिया में लगी हैं और उन प्रतिमाओं पर विदेशों में जाकर प्रधानमंत्री मोदी जी शीश नवाते हैं ऐसे महात्मा के हत्यारे को भारत का सपूत कहना दुर्भाग्य जनक है और उससे भी बड़े दुर्भाग्य की यह बात यह है कि यह बात बस्तर की वीर भूमि से कही गयी है जिसने वीर गुंडाधुर जैसे स्वतंत्रता सेनानी को जन्म दिया जिन्होंने अंग्रेजों के आगे घुटने टेकने की बजाय बलिदान को स्वीकार किया जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी और पेंशन की बजाए अंग्रेजों से लोहा लेना और अंग्रेजों को बस्तर से खदेड़ने वीरगति को प्राप्त किया और देश की आजादी के लिए शहादत दी हम बस्तर वासी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद स्वतंत्रता सेनानी वीर गुंडाधुर को मानने वाले लोग हैं ऐसे में बस्तर भाजपा को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह महात्मा गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को मांगती है या महात्मा गांधी और बस्तर के वीर सपूत स्वतंत्रता सेनानी शहीद गुंडाधुर को मानने वाली कौम है क्योंकि उक्त बातें उनके जिला मुख्यालय कार्यालय से कही गयी है और इस बात पर बस्तर भाजपा की खामोशी को बस्तर की जनता इसे गिरिराज सिंह की बदजुबानी को भाजपा का मौन समर्थन मानते हुए ना तो उक्त बयान को स्वीकार करेगी और ना ही ऐसी मानसिकता रखने वाली और गोड़से से प्रेम करने वाली बस्तर भाजपा स्वीकार्य होगी।

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