बस्तर जिले की राजनैतिक स्थितियाँ परिस्थितियाँ-सतीश तिवारी

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जगदलपुर 05 सितम्बर .  राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के उपरान्त अविभाजित बस्तर जिले के अन्तागढ़ ग्राम मे जन्मे, पले-बढ़े और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में सेवा निवृति लेकर सक्रिय राजनीति में भागीदारी निभाने के लिये श्री नीलकंठ टेकाम ने सभी अटकलों को विराम देते हुये अन्ततः 23 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण’ कर ली और 24 घंटे के अन्दर ही भाजपा ने बिना देर किये उन्हें केशकाल विधान सभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया ।
राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन होने के उपरान्त प्रथमथापना प्रशिक्षक अधिकारी के रूप में घार जिले में हुई , कालांतर में सनावद, मनावर और बड़वानी में अनुविभागीय दंडाधिकारी के रूप में उन्होंने अपनी सेवायें दी एवं एक कुशल व कर्मठ अधिकारी के रूप में अपनी अच्छी छवि भी विकसित की श्री नीलकंठ  टेकाम की सक्रियता एवं लोकप्रियता के कारण धार-झाबुआ  क्षेत्र  की दिग्गज कांग्रेसी नेता, विधायक एवं उपमुख्यमंत्री स्व जमुना देवी का आर्शीवाद और सहयोग मिला क्षेत्र के अन्य कांग्रेसी नेता भी श्री टेकाम के प्रति उदार रहे केन्द्रीय जनमानस की सेवा और प्रशासनिक दक्षता के कारण श्री नीलकंठ टेकाम एक लोकप्रिय अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे हैं, इस कारण क्षेत्रीय नेताओं के आग्रह पर उन्होंने धार जिले की बड़वानी विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया जिसमें स्व.  जमुना देवी और अन्य स्थानीय नेताओं का तथा व्यापक जन समर्थन इनके साथ रहा है परन्तु राजनीति में कुछ भी स्थाई नहीं होता है, गुटीय राजनीति के चलते तत्कालीन मुख्य मंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने श्री नीलकंठ टेकाम की महत्वाकांक्षा को विराम दे दिया ।

बस्तर जिले में पदस्थापना मिलने पर इन्होंने यहाँ अनुविभागीय दंडाधिकारी जगदलपुर, मुख्य कार्यपालन अधिवारी, जिला पंचायत दंतेवाड़ा, आयुक्त नगर पालिक निगम जगदलपुर का भी कार्यभार संभाला और हम यह कह सकते है कि उन्होंने अपने पद के साथ हमेशा न्याय किया और जनता के बीच भी अपनी लोकप्रियता को बनाये रखा बहुत ही कम देखने में आया है कि कोई अधिकारी प्रशासनिक अपेक्षाओं को भी पूरा करे और जनता के कामों को भी पूरा करे श्री नीलकंठ टेकाम की पदस्थापना कलेक्टर कोंडागांव के रूप में हुई और अविकसित कोंडागांव जिले को उन्होंने अपनी सोच के साथ विकसित करने का बीड़ा उठाया, कोंडागाँव जिले में कोंडागांव, फरसगांव व केशकाल तहसील आती है एवं कोंडागाँव व केशकाल विधान सभा के साथ ही नारायणपुर विधान सभा का कुछ क्षेत्र भी नारायणपुर कोंडागांव जिले में समाविवाह है।
कोंडागांव व केशकाल विधान सभा क्षेत्र से क्रमश: श्री मोहन मरकाम पूर्व प्रदेशाध्यक्ष छग – प्रदेश कांग्रेस कमेटी वर्तमान मंत्री अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री है तथा श्री संतराम नेताम केशकाल क्षेत्र के विधायक व उपाध्यक्ष छग विधान सभा हैं। श्री नीलकंठ टेकाम की कार्यप्रणाली एवं लोकप्रियता से घबराये हुये विधायक द्वय ने श्री टेकाम को कोंडागांव कलेक्टर के पद से हटवा दिया अन्यत्र स्थानान्तरण करा दिया इतना ही नहीं उन्हें प्रशासनिक तौर पर प्रताडित भी किया गया जिससे श्री नीलकंठ टेकाम के मन में प्रतिशोध की भावना और बलवती होती गई।
 अन्तागढ़ उनका जन्म स्थान है नातेदार, रिश्तेदार उनके सभी अन्तागढ़ में है इसी प्रकार कोंडागांव, माकड़ी में उन्होंने कलेक्टर रहते अपना प्रभाव प्रभाव क्षेत्र विकसित किया है, नारायणपुर विधान सभा क्षेत्र का काफी बड़ा भाग कोंडागांव जिले में आता है वहीं कांकेर विधान सभा क्षेत्र में उन्होंने की शिक्षा के साथ छात्र राजनीति की है तो इतने विधान सभा क्षेत्रों में तो वह सेंध लगायेगें यह निश्चित है इसके बाद जगदलपुर और दन्तेवाड़ा में भी वह प्रभाव पैदा करने की कोशिश करेंगे ।

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