गोधन न्याय योजना बनीं महिलाओं की कमाई का जरिया

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करीम

 

जगदलपुर 24 मई  जिले के बकावण्ड विकासखंड के अंतर्गत आता है टलनार गोठान। इसी गोठान से जुड़ी हैं पाकली कश्यप। पाकली पहले मजदूरी करती थीं, लेकिन अब पाकली गोठान समिति से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर पैसे कमा रही हैं। विकासखण्ड बकावण्ड में टलनार गोठान में मां दंतेश्वरी महिला स्व सहायता समूह से पाकली जुड़ी हैं। वे गोधन न्याय योजना अंतर्गत वर्मी खाद का निर्माण से आय के साधन प्राप्त कर रही है। पाकली ने अब तक वर्मी खाद के 12 हजार रुपए मूर्गीपालन से 05 हजार रुपए सब्जी खेती से 70 हजार एवं गोबर बेचकर 18 हजार रुपए यानी कि कुल 01 लाख 21 हजार रूपए की कमाई की है। पाकली ने इस कमाई से सोने के जेवर खरीदे हैं। पाकली बताती हैं कि पहले कृषि मजदूरी का कार्य करती थी। लेकिन अब गौठान से ही इतनी कमाई हो जाती है कि मजदूरी करने की जरूरत नहीं पड़ती है। पाकली ये भी कहती हैं कि गोबर का पहले कोई उपयोग नहीं होता था लेकिन अब गोबर बेचकर खुद पैसे कमा लेती हूं। इस योजना से पैसे कमाकर मैंने अपने घर की जरूरत को पूरा किया और बच्चे को पढ़ा रही हूं। मैंने गोठान की कमाई से सोने के जेवर खरीदे हैं जो मजदूरी करके कभी नहीं खरीद सकती थी। पाकली कहती हैं कि उन्नत कृषि मे सहयोग तो हो रहा है। वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन आदि गतिविधियों से समूह की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एवं गोधान न्याय योजना तथा अन्य विभागांे कृषि विभाग पशुपालन विभाग उद्यान विभाग एवं अन्य विभागो से मदद से ये सब हो पा रहा है।

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