पूर्व विधायक बाफना के 15 साल के विकास पर 15 साल का विनाश भारी -जावेद खान

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करीम

जगदलपुर 08 अगस्त . भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बस्तर लोकसभा कोआर्डिनेटर(एलडीएम) जावेद खान ने बस्तर भाजपा की शिलालेख की राजनीति पर तंज कसते हुए प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हमला बोला है जावेद ने प्रेस विज्ञप्ति में रमन सरकार के 15 साल के कार्यकाल को विकास बनाम विनाश से जोड़ते हुए पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा है कि यदि पिछले 15 साल का विकास देखा जाए तो उस पर 15 साल का विनाश भारी है पूर्व विधायक के कार्यकाल में अनेकों अनेक दमनकारी विभाजनकारी और विनाशकारी कदम उठाए गए थे जिसका अभिशाप पूरे बस्तर ने भोगा था,सत्ता के नशे में चूर तत्कालीन विधायक और तत्कालीन राज्य सरकार की सांठगांठ से बस्तर की प्राण दायिनी बस्तर की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली महारानी अस्पताल के साथ जो अन्याय किया जा रहा था और लगातार उसे बंद करने की उसमें ताला जड़ने की साजिश रची जा रही थी उसे बस्तर की जनता कभी भूल नहीं है।
एशिया का सबसे बड़ा परिवहन संघ बस्तर परिवहन संघ में किस तरह से वर्चस्व की लड़ाई लड़ी गई थी और बस्तर परिवहन संघ में ताला जड़ने का और हजारों ट्रक चालकों और मालकों के ऊपर आर्थिक संकट उत्पन्न किया गया था उसे जनता भूल नहीं सकती है।

किस तरह से आड़ावाल से मारेंगा बाईपास के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार कर प्रदेश की जनता के टैक्स के पैसे का बंदरबाट हुआ था और उस सड़क को मृत्यु का बाईपास बनाया गया था उसे जनता कभी भूल नहीं सकती है।

किस तरह से भाजपा के 15 सालों में बस्तर का ऐतिहासिक दलपत सागर को भू-माफियाओं के सुपुर्द कर लगातार दलपत सागर का क्षेत्रफल घटाया जा रहा था अवैध निर्माण कराए जा रहा था,दलपत सागर के सौंदर्यकरण के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा था,म्यूजिकल फाउंटेन की क्या दुर्दशा की गई थी उसे जगदलपुर की जनता भूली नहीं है।

किस तरह से सड़क चौड़ीकरण के नाम पर मां दंतेश्वरी मंदिर से लेकर पुराना गीदम नाका तक और मां दंतेश्वरी मंदिर से लेकर धर्मपुरा नंबर 1 तक शहरवासियों के घरों को जमींदोज किया गया था वह जनता भूली नहीं है,

किस तरह से पल्ली में रेलवे लाईन लाकर जमीन मामले में करोड़ों रुपए के मुआवजे का खेल खेला गया था उसे शहर की जनता भूल नहीं सकती है।
ऐसे अनेकों उदाहरण है भाजपा के पिछले 15 साल और पूर्व विधायक के कार्यकाल के जो बस्तर के लिए काला अध्याय के रूप में जाना जाता है और सदैव जाना जाता रहेगा।

जावेद ने कहा प्रदेश में जब से भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार बनी है तब से लगातार पिछले 15 साल में भाजपा के द्वारा किए गए गलत कार्यों को ठीक करते हुए अनेकों अनेक विकास के कार्य किए गए हैं जिसके अंतर्गत महारानी अस्पताल को बंद करने की नाकाम साजिश भाजपा के शासनकाल में रची गई थी उसे सरकार आते ही भूपेश बघेल ने कायाकल्प कर आज मील का पत्थर बनाते हुए उसे आज आधुनिक उपकरणों से सजा दिया है जिसका लाभ शहर ही नहीं जिले की जनता उठा रही है,जिस बस्तर परिवहन संघ पर ताला जोड़ने का कार्य भाजपा के शासनकाल में हुआ था उसे भूपेश बघेल की सरकार आते ही फिर से बहाल किया गया और आज भी बिना किसी विवाद के बस्तर परिवहन संघ सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और बस्तर के विकास में अपनी सहभागिता निभा रहा है,जिस दलपत सागर के सौंदर्यकरण के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया उसे बस्तर के लिए शहर वासियों के लिए और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए खूबसूरत और आकर्षित बनाने का कार्य कांग्रेस की भुपेश सरकार ने किया,जिस आड़ावाल मारेगा बाईपास जो कि भाजपा के शासनकाल में मृत्यु का बाईपास बन चुका था उसे आज पुनर्जीवित कर शहर की जनता को समर्पित किया गया और शहर के अंदर से भारी वाहनों का प्रवेश बंद हुआ है।

आज पूर्व विधायक अपने कार्यकाल के शिलालेखों को स्थापित कर शिलालेख की राजनीति कर रहे हैं पर उन्हें उन शिलालेखों में उन कार्यों का भी उल्लेख करना चाहिए जिसके चलते बस्तर का विकास थम सा गया था जिसके चलते बस्तर में अस्थिरता पैदा हो गई थी जिसके चलते बस्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं लचर हो चुकी थी जिसके चलते बस्तर विनाश की ओर अग्रसर हो चुका था और बस्तर की शांति व्यवस्था भंग होकर खूनी रंजिश तक में बदल दी गई थी,

आज बस्तर भाजपा यदि पिछले 15 साल के किए गए विकास के शिलालेखों को पुनर्जीवित करने की राजनीति कर रही है तो उसे खुले दिल से इन बातों की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए जिसकी वजह से बस्तर की छवि हर मामले में लगातार धूमिल होती गई थी बस्तर के विकास कार्य भ्रष्टाचार के भेंट चढ़े थे।

पूर्व विधायक चुनाव आते ही जिस तरह से सक्रिय होकर अपने पुराने कार्यकाल को याद कर जनता की याददाश्त ताजा करने की कोशिश कर रहे हैं और पुनः सत्यानाशी होने का दिन में सपना देख रहे हैं और जिस तरह से पूरी भाजपा उनके पीछे चल रही है इससे तो यही प्रतीत होता है भाजपा के पास कोई नया चेहरा नहीं है और थके हारे चेहरे के भरोसे ही बस्तर संभाग मुख्यालय की राजनीति करेगी भाजपा।

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